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पेड्डापल्ली लोकसभा सीट: नए चेहरों पर लगा है दांव, TRS और कांग्रेस के बीच मुकाबला

तेलंगाना की पेड्डापल्ली लोकसभा सीट पर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. इस सीट को तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के नेता बल्का सुमन ने 2014 में कांग्रेस से छीन लिया था.

पेड्डापल्ली लोकसभा सीट: नए चेहरों पर लगा है दांव, TRS और कांग्रेस के बीच मुकाबला
टीआरएस के उम्मीदवार बोरलाकुंटा वेंकटेश. (फोटो साभार: FB)

पेड्डापल्ली: तेलंगाना की पेड्डापल्ली लोकसभा सीट पर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. इस सीट को तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के नेता बल्का सुमन ने 2014 में कांग्रेस से छीन लिया था. हालांकि, इस बार टीआरएस ने नए चेहरे बोरलाकुंटा वेंकटेश नेथानी (Borlakunta Venkatesh Nethani ) पर दांव लगाया. उनके सामने कांग्रेस की ओर से भी नया उम्मीदवार डॉ. अगामा चंद्रशेखर मैदान में रहे. वहीं, बीजेपी ने इस सीट से एस. कुमार को लड़ाया. सभी उम्मीदवारों की किस्मत 11 अप्रैल को ईवीएम में कैद हो चुकी है. अब 23 मई को वोटिंग रिजल्ट का इंतजार है.

नशाबंदी और आबकारी विभाग के डिप्टी कमिश्नर वेंकटेश ने नौकरी से इस्तीफा देने के बाद 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चेन्नूर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था. वह आम चुनावोें के पहले ही टीआरएस में शामिल हुए. हालांकि, यह अनुमान लगाया गया था कि पेड्डापल्ली संसदीय क्षेत्र से सरकार के सलाहकार जी विवेकानंद को दिया जाएगा, लेकिन पार्टी ने वेंकटेश को इसकी पेशकश कर दी. जी विवेक वेंकटस्वामी के नाम से भी पहचाने जाने वाले विवेकानंद 2014 में कांग्रेस के टिकट पर टीआरएस के प्रत्याशी बल्का सुमन से चुनाव हार गए थे.

बता दें कि पेड्डापल्ली लोकसभा सीट पर आजादी के बाद से कांग्रेस का दबदबा रहा है. अब तक यहां 14 बार हो चुके आम चुनावों में 10 बार कांग्रेस की ही जीत हुई है. बाकी चार कार्यकाल तेलुगू प्रजा समिति, तेलुगू देशम पार्टी और तेलुगू राष्ट्र समिति के सांसदों के पास रहे हैं.

2014 के चुनाव में टीआरएस के बल्का सुमन को 45.53 फीसदी (4,65,496) वोट मिले थे. इस सीट से कांग्रेस के जी विवेकानंद 17.55 प्रतिशत (1,74,338) मतों के साथ दूसरे नंबर पर रहे थे. टीडीपी उम्मीदवार जनपति सरत बाबू 63, 334 वोट पाकर तीसरे स्थान पर थे. पेड्डापल्ली सीट पर 74.12 फीसदी मतदान हुआ था, जिसमें 10, 22,184 मतदाताओं ने भाग लिया था.

इस संसदीय क्षेत्र में सात विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें चेन्नूर, बेल्लमपल्ली और धरमपुरी सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है जकि मानचेरिअल, रामागुंडम, मानथानी और पेड्डापल्ली अनारक्षित सीट हैं.
 
तेलंगाना भारत के आंध्रप्रदेश राज्य से अलग होकर भारत का 29वां राज्य बना था. राज्य में मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव की अगुवाई में टीआरएस पार्टी की सरकार है. इस राज्य में 119 विधानसभा सीटें और 17 लोकसभा सीटें हैं. वहीं प्रदेश में कुल जिलों की संख्या 31 है.