स्मृति ईरानी ने लोगों को जूते बांटकर अमेठी की जनता का अपमान किया : प्रियंका गांधी वाड्रा

लोकसभा चुनाव 2019 ( Lok Sabha Elections 2019) के चुनाव प्रचार के लिए प्रियंका गांधी अमेठी पहुंची. यहां उन्‍होंने एक नुक्कड़ सभा में कहा कि स्मृति जनता से झूठ कह रही हैं कि राहुल अमेठी नहीं आते.

स्मृति ईरानी ने लोगों को जूते बांटकर अमेठी की जनता का अपमान किया : प्रियंका गांधी वाड्रा
अमेठी में राहुल गांधी के सामने स्‍मृत‍ि ईरानी हैं. राहुल के प्रचार की जिम्‍मेदारी प्रियंका गांधी पर है. फोटो : एएनआई

अमेठी (उप्र): कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोमवार को कहा कि अमेठी लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को नीचा दिखाने के लिये यहां लोगों को जूते बांटकर अमेठी का अपमान किया है. प्रियंका ने फुरसतगंज चौराहे पर आयोजित नुक्कड़ सभा में कहा कि स्मृति जनता से झूठ कह रही हैं कि राहुल अमेठी नहीं आते. यहां के लोगों को सारी सच्चाई पता है. जनता यह भी जानती है कि किसके दिल में अमेठी है और किसके दिल में नहीं. चुनाव में बहुत से बाहरी लोग आ गए हैं.

उन्होंने कहा 'स्मृति ईरानी ने लोगों को जूते बांटे, यह कहने के लिए कि अमेठी के लोगों के पास जूते भी नहीं हैं पहनने के लिए. वह सोच रही हैं कि ऐसा करके वह राहुल जी का अपमान कर रही हैं. सच तो यह है कि वह अमेठी का अपमान कर रही हैं. अमेठी और रायबरेली की जनता ने कभी किसी से भीख नहीं मांगी.' प्रियंका ने कहा 'आप इनको सिखाइये कि अमेठी और रायबरेली के लोग अपना सम्मान करते हैं, किसी के सामने भीख नहीं मांगते. भीख मांगना है तो वो लोग खुद आपसे वोटों की भीख मांगें.'

स्मृति ईरानी ने हाल में अमेठी के गौरीगंज क्षेत्र में एक जनसभा में कथित तौर पर कहा था कि बरौलिया गांव के प्रधान जब उनसे मिलने के लिये दिल्ली गए थे तो उनके पैरों में ठीक से चप्पल भी नहीं थी. ‘तब मैंने उसकी व्यवस्था करायी थी और गांव के विकास के लिये 16 करोड़ रुपये दिलवाये थे.’

कांग्रेस महासचिव ने कहा 'अमेठी में फूड पार्क बनने से क्षेत्र के पांच लाख किसानों को फायदा हो सकता था. फूड पार्क रुकवाया क्यों, आप (स्मृति) भला चाहती हैं तो अमेठी में फूड पार्क खोलेंगी या जूते बांटेंगी?' उन्होंने कहा ‘‘आपने पुश्तों से देखा है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी अमेठी के गांव—गांव में जाते थे, आप अपने बुजुर्गों से पूछिये. उस वक्त ऐसा कोई नहीं था जिससे वह ना मिले हों. वहीं, वाराणसी में क्या स्थिति है? प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने ही संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के एक भी गांव में हाल लेने नहीं गये. आपके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गरीबों के गांव में जाने से पहले उनके हाथ—मुंह धुलवाते हैं.’

प्रियंका ने कहा कि आज छोटे—छोटे तमाम उद्योग बंद हो गये हैं. चौराहे पर मिलने वाला एक भी नौजवान यह नहीं कहता कि इन पांच साल में मुझे रोजगार मिला. इस सरकार के राज में 50 लाख रोजगार घटे हैं. उन्हीं लोगों ने ये रोजगार घटाये जो हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा करके सत्ता में आये थे. प्रियंका ने कहा 'मैं कहना चाहती हूं कि इस चुनाव में कांग्रेस को भारी बहुमत से जिताइये. भाजपा के लोग अमेठी ही नहीं, बल्कि पूरे देश के साथ विश्वासघात कर रहे हैं. आप सभी कार्यकर्ता हर घर जाकर एक—एक व्यक्ति से मिलिये.'