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लोकसभा चुनाव 2019 में जनता का जनादेश, NDA और UPA समेत सभी दलों के लिए चेतावनी

लोकसभा चुनाव 2019 के चुनाव में इतने प्रचंड बहुमत से नरेंद्र मोदी सरकार बनाने जा रही है.  लेकिन यह एनडीए गठबंधन और यूपीए गठबंधन समेत सभी दलों के लिए बड़ी चेतावनी है.

लोकसभा चुनाव 2019 में जनता का जनादेश, NDA और UPA  समेत सभी दलों के लिए चेतावनी
लोकसभा चुनाव 2019 में एनडीए को प्रचंड बहुमत मिली है. (प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव 2019 में जनता ने अपना जनादेश एनडीए को दिया है. जिसका नेतृत्व नरेंद्र मोदी कर रहे हैं. इस चुनाव में इतने प्रचंड बहुमत से नरेंद्र मोदी सरकार बनाने जा रही है. लेकिन यह एनडीए गठबंधन और यूपीए गठबंधन समेत सभी दलों के लिए बड़ी चेतावनी है. जनता ने यह बता दिया है कि उनका जनादेश केवल में चुनाव में जीताने के लिए नहीं है. बल्कि उन्हें काम करने के लिए बनाया दिया गया है.

भले ही जनता ने मोदी के नाम पर अपना मत दिया हो, लेकिन यह भी साफ है कि जनता ने मोदी को काम करने का दूसरा मौका दिया है. हालांकि कांग्रेस को कई बार ऐसे मौके मिले थे. लेकिन शायद वह जनता के उम्मीदों पर खड़े नहीं उतर पाए थे.

एनडीए ने 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार में अपने कामों की गिनती बताई और आगे के लिए मौका मांगा. जिससे साफ है कि जनता ने एनडीए को फिर से एक मौका दिया है कि वह उनकी उम्मीदों पर खड़े उतर सके. इसके साथ ही जनता ने यूपीए और अन्य दलों को इस बार भी मौका नहीं दिया है. 2014 के बाद 2019 में भी यूपीए को जनता ने मौका नहीं दिया है. 

जनता का जनादेश यूपीए के लिए चेतावनी है कि उनके कामों से नाखुश होकर एनडीए को मौका दिया गया है. लेकिन यह चेतावनी एनडीए गठबंधन के लिए भी है कि अगर वह जनता के उम्मीदों पर खड़े नहीं उतरे तो उनका भी हस्र यूपीए की तरह हो सकता है. यह जनादेश उनसे छिन सकती है.

आपको बता दें कि 1991 के बाद कांग्रेस को 2004 में जनता ने सरकार बनाने का मौका दिया था. वहीं, 2009 में भी यह मौका दोबारा दिया गया. लेकिन जनता के उम्मीदों पर खड़ा नहीं उतरने पर जनता ने 2014 में अपना जनादेश बीजेपी को दिया. साथ ही 2019 में भी यह मौका फिर से बीजेपी को मिली है. लेकिन एक तरह से यह जनादेश सभी दलों के लिए चेतावनी है कि उन्हें हर हाल में जनता के उम्मीदों पर खड़ा उतरना होगा.

जनता ने अपने जनादेश में साफ कर दिया है कि नेताओं को जनता के लिए ही काम करना होगा. वह अगर अपनी स्वार्थ की रोटी सेकेंगे तो उन्हें कभी जनता का जनादेश नहीं मिल सकेगा. इसलिए एनडीए को भी यह चेतावनी है कि उन्हें हर हाल में जनता के हित के लिए काम करना होगा और जो भी वादे उन्होंने जनता से किए हैं, उन्हें हर हाल में पूरा करने की जिम्मेदारी लेनी होगी.

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में एनडीए को जनता ने प्रचंड बहुमत से जिताया है. एनडीए को 542 सीट में से 354 सीटों पर जीत मिली है.