बेटे सुजय के बाद राधाकृष्ण विखे भी BJP में हो सकते हैं शामिल, बोले- जल्द लूंगा बड़ा फैसला

 वह 12 अप्रैल को अहमदनगर में होने जा रही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुनावी रैली के दौरान भाजपा में शामिल हो सकते हैं.

बेटे सुजय के बाद राधाकृष्ण विखे भी BJP में हो सकते हैं शामिल, बोले- जल्द लूंगा बड़ा फैसला
सुजय ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली थी. (फाइल फोटो)

नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) से ठीक पहले कई बड़े नेता पार्टी की अदला-बदली कर चुके हैं. ऐसे में एक खबर यह भी सामने आई है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व यूनियन मिनिस्टर राधाकृष्ण विखे पाटील जल्द ही कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो सकते हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र में विधानसभा नेता विपक्ष राधाकृष्ण विखे पाटील कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं. वह 12 अप्रैल को अहमदनगर में होने जा रही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुनावी रैली के दौरान भाजपा में शामिल हो सकते हैं.

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एक जानकारी के अनुसार नेता विपक्ष राधाकृष्ण ने अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले तीन चार दिनों में मैं एक बड़ा फैसला ले सकता हूं. लोग राधाकृष्ण के इस फैसले की बात को भाजपा ज्वाइन करने का संकेत मान रहे हैं. आपको बता दें कि इससे पहले राधाकृष्ण विखेपाटील के बेटे सुजय विखे पाटील भी भाजपा में शामिल हैं और राधाकृष्ण की पत्नी और सुजय की मां जोर शोर से अपने बेटे के चुनाव प्रचार अभियान में लगी हुई हैं. 

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बता दें सुजय ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली थी. सुजय के भाजपा में शामिल होने को लेकर खबर आई थी कि कांग्रेस के दिग्गज नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने अहमदनगर लोकसभा क्षेत्र से बेटे के लिए टिकट की मांग की थी, लेकिन कांग्रेस की तरफ से कोई उम्मीद दिखाई न देने पर सुजय भाजपा में शामिल हो गए. हालांकि भाजपा में शामिल होने के फैसले पर सुजय का कहना था कि उन्होंने अपने पिता के फैसले के खिलाफ जाकर भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है.

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बता दें इससे पहले कांग्रेस नेता रणजीतसिंह नाईक निंबालकर भी कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो गए हैं. भाजपा में शामिल होने को लेकर निंबालकर ने कहा था कि उनकी लड़ाई बारामती से जुड़े लोगों से है, इसलिए उन्होंने भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया है. निंबालकर ने आरोप लगाया था कि बारामती के लोग उस क्षेत्र के विकास में रुकावट पैदा कर रहे हैं, जहां से वह आते हैं.