राजस्थान: पिता के नाम पर नहीं, मेरा काम देखने के बाद मुझे टिकट मिला : वैभव गहलोत

अपने बयान में उन्होंने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी हींस की झाड़ी हैं. हींस अगर एक पेड़ के पास लगती है तो उसे समाप्त कर देती है. हींस किसी भी हरे-भरे पेड़ को नहीं छोड़ती और उन्हें खा जाती है. 

राजस्थान: पिता के नाम पर नहीं, मेरा काम देखने के बाद मुझे टिकट मिला : वैभव गहलोत
वैभव ने कहा, मेरे पिता की विरासत मुझ पर लागू नहीं होती.

जोधपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र और जोधपुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार वैभव गहलोत ने कहा कि यहां से पांच बार सांसद रहे उनके पिता अशोक गहलोत की विरासत की बात उन पर लागू नहीं होती है क्योंकि पार्टी ने उनके 15 साल के काम को देखने के बाद टिकट दिया है.

केंन्द्रीय मंत्री और भाजपा के प्रत्याशी गजेन्द्र सिंह शेखावत के खिलाफ विकास के मुद्दे पर चुनाव मैदान में खडे़ जूनियर गहलोत ने भाजपा की केन्द्र सरकार और राज्य की पूर्व वसुंधरा राजे सरकार पर जोधपुर के साथ विकास के मुद्दे पर 'सौतेला व्यवहार' करने का आरोप लगाया है. लोकसभा चुनाव में पहली बार उतर रहे वैभव ने कहा कि 2014 में उन्होंने जोधपुर लोकसभा क्षेत्र के वार्डो में सक्रिय रूप से काम किया और डोर टू डोर अभियान में भाग लिया. 

वैभव ने कहा, ‘‘मेरे पिता की विरासत मुझ पर लागू नहीं होती क्योंकि जोधपुर लोकसभा क्षेत्र से पार्टी के साथ 15 साल काम करने के बाद मुझे टिकट प्राप्त करने का यह अवसर मिला है.’’ 39 वर्षीय गहलोत ने दावा किया कि वह राजस्थान में कांग्रेस पार्टी के 15 सालों से सक्रिय कार्यकर्ता हैं. 2003 से यूथ कांग्रेस के जरिये पूरे समर्पण भाव से काम में लगे हुए हैं. 

राज्य में लोकसभा के प्रथम चरण के 29 अप्रैल को होने वाले चुनाव में विकास के मुद्दे पर चुनाव जीतने पर ध्यान केन्द्रित करने वाले वैभव गहलोत ने कहा कि 2005 में तत्कालीन भाजपा सरकार की लोक विरोधी योजनाओं के विरूद्व प्रदर्शन के दौरान वह घायल हो गये थे.

तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे अशोक गहलोत के लिये जोधपुर उनका गढ़ माना जाता है और इस चुनाव में केन्द्रीय मंत्री के खिलाफ उनके पुत्र की यह प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है. केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार चंद्रेश कुमारी को चार लाख से अधिक मतों से हराया था. 1980 में जब पहली बार अशोक गहलोत जोधपुर से सांसद बने थे तब वैभव का जन्म हुआ था. राजपूत और जाट बहुल जोधपुर लोकसभा क्षेत्र में 19.5 लाख मतदाता हैं. 

जीत के प्रति आश्वस्त गहलोत ने कहा कि वह विदेश में या राजस्थान के बाहर कोई व्यवसाय नहीं कर रहे हैं. उन्होंने केन्द्र और राज्य की तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर बाडमेर और जोधपुर सहित मारवाड़ क्षेत्र की उपेक्षा का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में वह अपने स्तर पर जोधपुर की जनता को पानी बिजली की मूलभूत सुविधाएं दिलाने का भरसक प्रयास करेंगे. वैभव ने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फ्लैगशिप कार्यक्रम के तहत जोधपुर को स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल क्यों नहीं किया गया.

उन्होंने कहा कि भाजपा नीत केन्द्र सरकार ने यह जानते हुए भी कि जोधपुर राज्य का दूसरा सबसे बड़ा जिला होने के साथ साथ सभी तरह के निर्धारित मापदंडों को पूरा करता है, उसके बावजूद जोधपुर को स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शामिल नहीं किया. वैभव के मुताबिक रेल सेवा और हवाई सेवा से जुड़ा होने के बावजूद क्या कारण रहा कि जोधपुर को स्मार्ट सिटी मिशन के तहत नहीं चुना गया? उन्होंने जोधपुर लोकसभा क्षेत्र में किसी प्रकार की ‘मोदी लहर’ होने की बात को नकार दिया.