शिवसेना ने साधा BJP पर निशाना, 'बेवजह सीना क्यों फुलाते हो ? सैनिकों का मान रखो'

'सैनिक का सम्मान उनकी वीरता और उनकी वर्दी में है. इस वर्दी का इस्तेमाल कर चुनाव प्रचार में वोट मत मांगो.'

शिवसेना ने साधा BJP पर निशाना, 'बेवजह सीना क्यों फुलाते हो ? सैनिकों का मान रखो'
'वर्दी का इस्तेमाल कर चुनाव प्रचार में वोट मत मांगो'

मुंबईः महाराष्ट्र में बीजेपी की गठबंधन सहयोगी शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय लेख में IAF की एयर स्ट्राइक को लेकर भाजपा पर जमकर निशाना साधा है. शिवसेना का कहना है कि एयर स्ट्राइक को लेकर भारतीय जनता पार्टी बेवजह गर्व महसूस कर रही है, जबकि इसकी जगह उन्हें सैनिकों का सम्मान करना चाहिए और उनका मान रखना चाहिए. शिवसेना ने 'बेवजह सीना क्यों फुलाते हो? सैनिकों का मान रखो!' के शीर्षक से अपना संपादकीय लिखा है. जिसमें शिवसेना ने भाजपा को एयर स्ट्राइक को लेकर जमकर खरी-खोटी सुनाई है.

प्रशांत किशोर की सफाई, कहा- JDU नेता के तौर पर मिले थे उद्धव ठाकरे से

शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में कहा कि 'पाक अधिकृत कश्मीर में हवाई हमले के बाद सेना, देशभक्ति व अन्य राजनीतिक विचारों पर अपना मालिकाना हक जताने की प्रक्रिया बढ़ गई है. अभिनंदन ने अपने मिग विमान से पाकियों का 'एफ-16' मार गिराया, ऐसा भाजपा के सत्ता में होने के कारण ही हुआ ऐसा प्रचार खुलेआम जारी है. सैनिक की वेशभूषा में अभिनंदन की तस्वीर भाजपा सहित दूसरी राजनीतिक पार्टियों ने अपनी होर्डिंग्स व विज्ञापनों में दिखाकर कुछ मंडलियों ने अपनी खुद की छाती बेवजह फुला ली है.'

शिवसेना ने सरकार को ‘चुनावी फायदे के लिए युद्ध’ संबंधी बयानबाजी को लेकर आगाह किया

बता दें होर्डिंग्स में सैनिकों की फोटो लगाकर पार्टी के प्रचार-प्रसार का  मामला सीधे चुनाव आयोग में पहुंच गया है. जहां चुनाव आयोग ने अब चुनाव प्रचार के लिए राजनीतिक दल अथवा उम्मीदवार 'सैन्य अधिकारियों तथा जवानों की फोटो का उपयोग न करने की चेतावनी दी है. हवाई हमले की बजाय पुलवामा का आतंकवादी हमला और 40 जवानों की हत्या दुखदायी है. कल को विरोधी पुलवामा हमले के रक्तपात की भयंकर तस्वीरें पोस्टर पर चमकाते हुए सत्ताधारियों की मुसीबत बढ़ा सकते हैं.

BJP-शिवसेना गठबंधन के बाद महाराष्ट्र में गर्माई सियासत, NDA के छोटे घटक दल करेंगे बैठक

शिवसेना का कहना है कि 'सैनिक का सम्मान उनकी वीरता और उनकी वर्दी में है. इस वर्दी का इस्तेमाल कर चुनाव प्रचार में वोट मत मांगो, ऐसा चुनाव आयोग को कहना पड़ा, यह लक्षण ठीक नहीं है. सैनिक कार्रवाई के सबूत मांगने वाले जितने दोषी हैं, उतने ही सैनिकों की वर्दी और तस्वीर इस्तेमाल कर वोटों की भीख मांगने वाले भी दोषी हैं.'