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शिवपाल बोले- 'नेताजी ने हमें कहा था नई पार्टी बनाने के लिए'

मुलायम सिंह और मायावती के एक साथ आने पर मुलायम सिंह के छोटे भाई और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि मायावती और नेताजी दोनों भले एक मंच पर हो लेकिन दोनों के विचार अलग अलग है.

शिवपाल बोले- 'नेताजी ने हमें कहा था नई पार्टी बनाने के लिए'
फोटोः ट्विटर- @shivpalsinghyad

लखनऊः लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha elections 2019) के प्रचार में जुटी समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी आज ऐतिहासिक दिन की साक्षी बनेंगी. मैनपुरी लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतरे सपा के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का चुनाव प्रचार करने के लिए बीएसपी सुप्रीमों मायावती खुद आएंगी. यूपी की राजनीति में 24 सालों के बाद दोनों नेता एक मंच पर एक साथ दिखाई देंगे. मुलायम सिंह और मायावती के एक साथ आने पर मुलायम सिंह के छोटे भाई और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि मायावती और नेताजी दोनों भले एक मंच पर हो लेकिन दोनों के विचार अलग अलग है.

शिवपाल यादव ने कहा, 'ये पूरा देश जानता है मायावती पर कोई भरोसा नहीं कर सकता. नेताजी हमारे साथ हैं. हमने उनकी सेवा की है, उनका साथ दिया है. नेताजी को हमने फ्री छोड़ दिया है. वो स्वस्थ रहें सेवा का अवसर दें.' 

नेताजी के आदेश पर ही बनाई सपा से अलग पार्टी
शिवपाल यादव ने बताया कि उन्होंने समाजवादी पार्टी से अलग होकर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी नेताजी के आदेश से ही बनाई थी. शिवपाल ने कहा, 'जब लखनऊ में रैली की थी. उसी में हमने उनके सामने कहा था. उनके सारे दोस्त गवाह हैं, जो वहां थे. जब उन्होंने पार्टी बनाने को कहा था. नेताजी ने ही मुझसे कहा था कि अखिलेश बात नहीं मान रहा, नई पार्टी बनाइये. नेताजी के कहने पर ही पार्टी बनाई थी. 

शिवपाल यादव ने कहा, 'जिन्होंने नेताजी के साथ काम किया और जिनको सोने की थाली परोसी मिली, जिनको नेताजी के रहते इतने अधिकार मिल गए. उन्होंने ये काम किया, सब जानते है. नेताजी ने प्रोफेसर रामगोपाल को 5 बार राज्यसभा भेजा और जब 25 साल का फंक्शन मना रहे थे तो नेताजी को न बुलाकर दूसरे लोगों को बुलाया. टूट के लिए प्रोफेसर और अखिलेश दोंनो जिम्मेदार है. हमने गठबंधन के लिए अखिलेश को कहा था लेकिन दो सीट के लिए भी अखिलेश तैयार नही हुए.'

'रामगोपाल ने दी कांग्रेस को धमकी, वो बीजेपी से मिले हुए हैं'
शिवपाल ने कहा कि बीजेपी को फायदा वही (सपा) पहुंचा रहे है, हमारा गठबंधन कांग्रेस के साथ हो रहा था लेकिन रामगोपाल ने कांग्रेस को धमकी दे दी कि हम अमेठी और रायबरेली से भी उम्मीदवार उतार देगें. कांग्रेस डर गई. रामगोपाल ने गठबंधन नहीं होने दिया. यही लोग है जो बीजेपी से मिले हुए है. किताब के विमोचन पर नेताजी को ना बुलाकर बीजेपी के लोगों को बुलाया. बीजेपी नेताओं की दावतों में कौन जाता है? अरुण जेटली से सम्बंध उनके रहे हैं.जब यादव सिंह कांड हुआ तब किसने बीजेपी की मदद की, उन्ही ने. वो बीजेपी से भी मिले हुए है हम 6 दलों का विलय करवा रहे थे, तब भी रामगोपाल ने नेताजी को भड़का दिया था कि हम डेथ वारेंट पर साइन कर रहे है.

'अब चाचा-भतीजे से बात बहुत आगे बढ़ गई है'
फिरोजाबाद से अक्षय यादव के खिलाफ चुनाव लड़ने पर शिवपाल ने कहा, 'हम तो सुबह जगने वाले लोग है नींद उनकी उड़ी है जो देर तक सोते है. अब चाचा-भतीजा से बात बहुत आगे बढ़ गई है. यहां के लोगों ने मुझे खुद राय दी कि यहां से चुनाव लड़ो. अक्षय यादव (सासंद) के पास जब भी कोई एप्लीकेशन लेकर जाता तो कहते कि "पापा से पूछो" पापा से बात करो. फ़िरोज़ाबाद में चाबी सबसे आगे रहेगी.'

आजम खान के जया प्रदा को लेकर दिए गए बयान पर शिवपाल ने कहा, 'महिलाओं पर कोई टिप्पणी नहीं होनी चाहिए, जो कर रहे है उनकी निंदा होनी चाहिए.'