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आतंकी बुरहान वानी और ज़ाकिर मूसा के घर त्राल में बीजेपी ने लिए सबसे ज्यादा वोट

पहली बार भाजपा ने संसदीय चुनावों में कश्मीर में किसी विधानसभा क्षेत्र से बढ़त बना ली है. 

आतंकी बुरहान वानी और ज़ाकिर मूसा के घर त्राल में बीजेपी ने लिए सबसे ज्यादा वोट
पुलवामा जिले के त्राल में बीजेपी को उमर अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस और महबूबा मुफ्ती की पीडीपी से ज्यादा वोट मिले.

श्रीनगरः पुलवामा जिले का त्राल इलाका कश्मीर में सब से ज्यादा आतंक ग्रस्त इलाका है. यह सामान्य इलाका नहीं है, यह वही त्राल है, जहां बुरहान वानी और जाकिर मूसा जैसे आतंकियों के गाव है. इसी इलाके से आज का इकलौता ज़िंदा आतंकी कमांडर रियाज़ नाइकू भी सम्बन्ध रखता है. लेकिन यहां हाल ही संपन्न हुए लोकसभा चुनावों के आंकड़े आश्चर्यजनक है. अनंतनाग के बीजेपी उम्मीदवार ने त्राल में एनसी, पीडीपी और यहां तक ​​कि कांग्रेस जैसे दलों के उम्मीदवारों की तुलना में अधिक वोट हासिल किए हैं.

आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी ने त्राल में 323 वोट हासिल किए, जबकि एनसी ने 234 वोट, पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी को 220 वोट और कांग्रेस को 144 वोट मिले. हालांकि इस निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी उम्मीदवार के कुल वोट कम थे, लेकिन पार्टी त्राल में बढ़त के कारन उत्साहित दिख रही है.

कश्मीर में पार्टी के वरिष्ठ नेता और त्राल बीजेपी यूनिट के मुताबिक यह शुरुआत है, वह कहते हैं कि उन्हें यकीन है कि इस बार विधानसभा चुनावों में त्राल से कमल खिलेगा. इस बदलाव के पीछे वो पीएम मोदी की पीपल फ्रेंडली योजनाओं को ठहराते है. 

त्राल बीजेपी अध्यक्ष अल्ताफ ठाकुर कहते है " लोकसभा चुनावों में पहली बार त्राल विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी पहली बार लीड में है, हर दल को पीछे छोड़ दिया, आतंक ग्रस्त त्राल के लिए कभी किसी दल ने कुछ नहीं किया. इसीलिए इस इलाके में युवा बहुत परेशान है, यही वजह है कि त्राल ने बदलाव चाहा है और प्रधान मंत्री के विकास रथ को चुना है."
   
बीजेपी कहती है यह हमारी उपलब्धि का एक संकेत है. सभी खतरों के बावजूद हमारा कैडर त्राल में निकला वोट किया, बीजेपी नेता अल्ताफ ठाकुर ने कहा "यह चुनाव शुरुआत थी और आनेवाले विधानसभा चुनावों में कश्मीर में बीजेपी 7-8 सीट हासिल करेगी और बीजेपी का राज्य में नारा है अब की बार 50 के पार पूरा होगा." 

दक्षिण कश्मीर सीट के लिए बीजेपी उम्मीदवार सोफी यूसुफ को कुल 10225 वोट मिले. इनमें से 7789 माइग्रेंट पोस्टल वोट थे. अनंतनाग सीट के सभी 16 विधानसभा क्षेत्रों में, उन्होंने केवल 2436 वोट हासिल किए. अनंतनाग निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव के दौरान मतदाताओं का प्रतिशत बहुत कम था. त्राल क्षेत्र जो कि बुरहान वानी और जाकिर मूसा जैसे उग्रवादियों का इलाका रहा है. और यह पारंपरिक रूप से पीडीपी का चुनावी क्षेत्र भी रहा है, लेकिन इन चुनावों में न तो पीडीपी और न ही एनसी को ज्यादा समर्थन मिला. यह संभव है यदि मतदातों का बड़ा हिस्सा विधानसभा चुनावों के दौरान मतदान से दूर रहता है तो बीजेपी पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ता सामने आएंगे और कमल खिल सकता है. 

गौरतलब बीजेपी ने कभी भी कश्मीर में कोई विधानसभा सीट नहीं जीती है और न ही किसी भी क्षेत्र से कोई नेतृत्व किया है. यही कारण है कि यह कुछ ऐसा है जिसने कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया है. हां पीडीपी-बीजेपी के शासन के दौरान पार्टी के दो सदस्यों को बीजेपी घाटी से विधान परिषद भेजने में कामयाब रही थी.