हम चाहते हैं कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर अपना कैंपेन करें, बयान देती रहें: दिग्विजय सिंह

टीएस प्रमुख हेमंत करकरे एवं बाबरी मस्जिद पर की टिप्पणियों को लेकर चुनाव आयोग ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के चुनाव प्रचार पर 72 घंटे प्रतिबंध लगाया हुआ है. उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया दी है. 

हम चाहते हैं कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर अपना कैंपेन करें, बयान देती रहें: दिग्विजय सिंह
सिंह ने कहा कि बीजेपी को उनके खिलाफ कोई सिंगल उम्मीदवार नहीं मिला, इसलिए साध्वी जी को ले आए.

भोपाल: एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे एवं बाबरी मस्जिद पर की टिप्पणियों को लेकर चुनाव आयोग ने साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के चुनाव प्रचार पर 72 घंटे प्रतिबंध लगाया हुआ है. साध्वी प्रज्ञा भोपाल लोकसभा सीट की बीजेपी उम्मीदवार हैं. उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया दी है. 

सिंह ने चुटीले अंदाज में कहा, "बीजेपी को उनके खिलाफ कोई सिंगल उम्मीदवार नहीं मिला. इसलिए वे साध्वी जी को ले आए. अच्छा है, मैं उनका स्वागत करता हूं. चुनाव आयोग ने उनकी कैंपेनिंग पर तीन दिन का बैन लगाया है, हालांकि हम चाहते हैं कि वह अपना चुनाव प्रचार करें और इसी तरह के बयान देते रहें. इससे हमें मदद मिलेगी." 

उधर, बैन के बाद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर गुरुवार को मौन धारणकर विभिन्न मंदिरों में दर्शन करने गईं और हिन्दू देवी-देवताओं की पूजा अर्चना की. इस दौरान उन्होंने मंदिरों की गौशालाओं में पाले जा रहे गाय और बछड़ों को गुड़ और घास भी खिलाया. 

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने भी चुनाव आयोग द्वारा उन पर भड़काऊ एवं सांप्रदायिक टिप्पणी करने के मामले में 72 घंटे तक चुनाव प्रचार करने पर प्रतिबंध लगाने के बाद पिछले महीने भी ऐसा ही किया था. तब योगी ने कई मंदिरों के दर्शन किए थे. 

 

हनुमान चालीसा का पाठ किया
मध्य प्रदेश भाजपा प्रवक्ता हितेश वाजपेई ने बताया कि मौन धारण कर साध्वी प्रज्ञा ने गुरुवार सुबह शहर के सोमवारा भवानी चौक पहुंचकर ‘कर्फ्यू वाली माताजी’ के दर्शन किए और दरबार में श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया. इस मौके पर उनके साथ भोपाल महापौर आलोक शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष सुरजीत सिंह चैहान सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे. 

उन्होंने कहा कि कुछ देर मंदिर में बैठने के बाद वह शहर के लालघाटी स्थित गुफा मंदिर पहुंची, जहां उन्होंने महंत श्री चंद्रमादास जी से आशीर्वाद लिया. इसके बाद वह मंदिर स्थित गौशाला गईं और उन्होंने गाय-बछड़े को गुड़ और घास खिलाई. एक मंदिर में वह भजन कर रहे भक्तों के बीच में खड़ी भी देखी गई. हालांकि, उन्होंने किसी से कोई बात नहीं की.

(इनपुट भाषा से भी)