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PM मोदी का ऐसा चला जादू कि बंगाल में खाता भी नहीं खोल पाई CPM, BJP को 18 सीटें

 2014 के चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी TMC को प्रचंड बहुमत मिला था. तृणमूल कांग्रेस 34 सीटों पर, कांग्रेस 4 सीटों पर, बीजेपी 2 सीटों पर और CPI(M) को 2 सीटें मिली थीं.

PM मोदी का ऐसा चला जादू कि बंगाल में खाता भी नहीं खोल पाई CPM, BJP को 18 सीटें
1964 में गठन के बाद पहली बार बंगाल में माकपा का खाता नहीं खुला. (फाइल फोटो)

कोलकाता: माकपा (मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी) का गठन 1964 में हुआ था और यह पहला मौका है जब लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में पार्टी को कोई सीट नहीं मिली. सभी सीटों के नतीजे सामने आ गए हैं. बीजेपी 18 सीटों पर, TMC 23 सीटों पर और कांग्रेस को महज 1 सीट मिली है. 2014 के चुनाव में ममता बनर्जी की पार्टी TMC को प्रचंड बहुमत मिला था. तृणमूल कांग्रेस 34 सीटों पर, कांग्रेस 4 सीटों पर, बीजेपी 2 सीटों पर और CPI(M) को 2 सीटें मिली थीं.

माकपा नीत वाम मोर्चा का राज्य में 1977 से 2011 तक लगातार 34 साल तक शासन रहा. लेकिन इस चुनाव में उसे अब तक सिर्फ 7.8 प्रतिशत मत ही मिले हैं. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) में विभाजन के बाद 1964 में माकपा की स्थापना हुई थी और इससे पहले कभी भी ऐसा नहीं हुआ जब पार्टी का राज्य में खाता नहीं खुला.

उल्लेखनीय है कि राज्य में अपने शानदार प्रदर्शन के आधार पर माकपा ने 1989, 1996 और 2004 में केंद्र में सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. 2004 में उसे राज्य की 42 में से 26 सीटों पर जीत मिली थी जो अधिकतम संख्या है. राज्य में पार्टी का पतन 2009 से तृणमूल कांग्रेस के उदय के साथ शुरू हुआ. 2014 में उसे केवल दो सीटें मिली थीं. इस हार से हैरान प्रदेश माकपा के अधिकतर नेताओं ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. हालांकि उन्होंने कहा कि पार्टी आत्मचिंतन करेगी और जरूरी कदम उठाएगी.