क्या राजमुंदरी लोकसभा सीट पर टीडीपी फिर लहरा पाएगी अपना परचम?

राजमुंदरी लोकसभा सीट आंध्र प्रदेश की प्रमुख सीट है. इस सीट पर 11 अप्रैल को पहले चरण में मतदान हुआ. इसे आंध्रप्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी माना जाता है. 2014 के लोकसभा चुनाव में टीडीपी के मुरली मोहन ने यह सीट जीती थी. 

क्या राजमुंदरी लोकसभा सीट पर टीडीपी फिर लहरा पाएगी अपना परचम?
राजमुंदरी लोकसभा सीट पर 11 अप्रैल को पहले चरण में मतदान हुआ.

हैदराबाद: राजमुंदरी लोकसभा सीट आंध्र प्रदेश की प्रमुख सीट है. इस सीट पर 11 अप्रैल को पहले चरण में मतदान हुआ. इसे आंध्रप्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी माना जाता है. 2014 के लोकसभा चुनाव में टीडीपी के मुरली मोहन ने यह सीट जीती थी. अब उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया है. उनकी बहू मंगती रूपा टीडीपी से इस बार मैदान में हैं. वाईएसआर कांग्रेस ने मरगनी भारत को मंगती रूपा के मुकाबले मैदान में उतारा है. 

कांग्रेस ने नल्लूरी विजया श्रीनिवास राव पर जबकि बीजेपी ने सत्य गोपीनाथ दास परवास्थु को कमल खिलाने की जिम्मेदारी सौंपी है. जनसेना पार्टी ने पूर्व बीजेपी विधायक अकुला सत्यनारायण को टिकट दिया है. जन जागृति पार्टी के बंडारु राजेश्वर राव ताल ठोक रहे हैं. राजमुंदरी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत 7 विधानसभा सीटें आती हैं.  इसमें गोपालापुरम, निदादावोलू, कोव्वुर, राजमुंदरी ग्रामीण, राजनगरम और अनापर्थी विधानसभा शामिल है. 

प्रजा सोशलिस्ट पार्टी ने जीता था पहला लोकसभा चुनाव 
राजमुंदरी सीट पर 1952 में हुए पहले आम चुनाव में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी ने बाजी मारी थी लेकिन 1957 तक आते-आते कांग्रेस ने इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत बनाते हुए दूसरा आम चुनाव जीत लिया. इसके बाद तो यह सीट कांग्रेस का गढ़ बन गई. कांग्रेस ने छह बार लगातार जीत दर्ज की. 1984 की टीडीपी की लहर में कांग्रेस को झटका लगा और यह सीट गंवा दी. फिर टीडीपी और कांग्रेस में मुकाबला होने लगा. 

 

बीजेपी भी जीत चुकी दो बार चुनाव 
आंध्रप्रदेश की इस सीट पर बीजेपी भी दो बार चुनाव जीत चुकी है. 1998 के लोकसभा चुनाव में गिरजला वेंकट स्वामी ने इस सीट पर कमल खिलाया था. इसके बाद 1999 के चुनाव में सत्यनारायण राव चुनाव जीते. बाद में 2004, 2009 में कांग्रेस ने वापसी करते 10 साल तक इस सीट पर कब्जा बरकरार रखा. 2014 में टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस के बीच जोरदार टक्कर हुई लेकिन बाजी टीडीपी के हाथ लगी.