close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

सोशल मीडिया पर वायरल हुई पीली साड़ी वाली महिला ने मतदान करते समय तोड़े कई नियम

उत्तरप्रदेश के देवरिया जनपद में पीली साड़ी वाली रीना द्विवेदी ने अपना वोट अपने ससुराल के गांव पंसरही में दिया. 

सोशल मीडिया पर वायरल हुई पीली साड़ी वाली महिला ने मतदान करते समय तोड़े कई नियम
नतीजों से पहले एग्जिट पोल (Exit Poll Results 2019) में एनडीए आना शुरू हो गए हैं. सभी एग्जिट पोल्स में एनडीए को पूर्ण बहुमत मिलने का अनुमान लगाया गया है.

देवरिया: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) के सातवें और अंतिम चरण का मतदान रविवार (19 मई) को समाप्त हो गया. इस चुनाव में लोकसभा की 543 में से 542 सीटों पर मतदान के बाद चुनावी नतीजे 23 मई को आएंगे. वहीं, नतीजों से पहले एग्जिट पोल (Exit Poll Results 2019) में एनडीए आना शुरू हो गए हैं. सभी एग्जिट पोल्स में एनडीए को पूर्ण बहुमत मिलने का अनुमान लगाया गया है. इन सबके बीच शोशल मीडिया पर तस्वीरें के जरिये वायरल हुईं पीली साड़ी वाली रीना द्विवेदी ने रविवार को सातवें चरण में मतदान किया.  

उत्तरप्रदेश के देवरिया जनपद में पीली साड़ी वाली रीना द्विवेदी ने अपना वोट अपने ससुराल के गांव पंसरही में दिया. बता दें कि सोशल मीडिया की सुर्खियां में बनी हुई रीना द्विवेदी लखनऊ में PWD में तैनात हैं. उन्होंने रविवार को अपने गृह जनपद देवरिया में मतदान किया. इस दौरान वह लोगों का ध्यानाकर्षण का केंद्र बनी रहीं. मीडिया ने उनसे सवाल किया कि आप अपने ग्लैमरस स्टाइल के चलते सोशल मीडिया में छाई रहीं तो उनका जबाब था कि पहली बात कि मैं ग्लैमरस स्टाइल की बात को हटाना चाहूंगी. उन्होंने कहा कि उस समय एक महिला भारतीय परिधान में अपनी ड्यूटी पर जा रही थी.

उन्होंने कहा कि मैं लखनऊ से अपना वोट डालने यहां आई हूं. उन्होंने कहा कि मतदान इस देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है. गौरतलब है कि जब रीना द्विवेदी अपना वोट डालने पहुंची तो बूथ पर मौजूद तमाम लोगों, जिनमें सरकारी कर्मचारी भी थे, सभी ने रीना द्विवेदी के साथ सेल्फी भी ली. पीली साड़ी वाली रीना द्विवेदी जो खुद चुनाव में पीठासीन अधिकारी रह चुकी है, उन्होंने सभी नियम कानून को तोड़ते हुए अपनी गाड़ी मतदान केंद्र के अंदर लेकर गईं. साथ में अपना मोबाइल भी लेकर भी गई और किसी सरकारी कर्मचारी ने उन्हें रोका तक नहीं.