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'किंगफिशर को मिल सकता है नया कर्ज'

सूत्रों के हवाले से यह कहा जा रहा है कि नकदी की कमी से जूझ रही किंगफिशर एयरलाइंस को कुछ बैंक नया कर्ज देने पर विचार कर रहे हैं।

ज़ी न्यूज ब्यूरो

 

नई दिल्ली:  सूत्रों के हवाले से यह कहा जा रहा है कि नकदी की कमी से जूझ रही किंगफिशर एयरलाइंस को कुछ बैंक नया कर्ज देने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि इसमें एयरलाइंस का सबसे बड़ा लेनदार स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शामिल नहीं है।

 

किंगफिशर को कर्ज देने वाले बैंकों के कंशोर्शियम की बैठक में एसबीआई के चेयरमैन प्रतीप चौधरी ने बताया कि किंगफिशर को वह बैंक कर्ज देने पर विचार कर रहे हैं जिन्होने अब तक अपने कर्ज को डूबा हुआ नहीं घोषित किया है।

 

केंद्रीय उत्पाद व सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने शुक्रवार बकाया सेवाकर का भुगतान करने में विफल रहने के लिए उसने किंगफिशर एयरलाइन्स के बैंक खातों पर रोक लगाई है। सीबीईसी के चेयरमैन एसके गोयल ने यहां संवाददाताओं को बताया कि वे रोजाना एक करोड़ रुपये का भुगतान कर रहे थे।

 

पिछले कुछ दिनों से इसमें रुकावट आई। वे भुगतान करने में समर्थ नहीं थे, इसलिए हमने बैंक को एक पत्र जारी कर दो-तीन दिन पहले उनके खातों पर रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि विमानन कंपनी पर 70 करोड़ रुपये का अप्रत्यक्ष कर बकाया था और करीब 35 करोड़ रुपये अब भी उन पर बकाया है।

 

विजय माल्या द्वारा प्रवर्तित किंगफिशर एयरलाइन्स को वित्तीय दिक्कतों से गुजरना पड़ रहा है और उसे दिसंबर, 2011 में समाप्त नौ महीनों में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। सार्वजनिक क्षेत्र के 14 बैंकों व निजी क्षेत्र के 4 बैंकों के एक समूह ने संकटग्रस्त विमानन कंपनी को भारी ऋण उपलब्ध कराया है। कंपनी पर कुल करीब 7,057 करोड़ रुपये का ऋण है और उसका सकल घाटा करीब 6,000 करोड़ रुपये है।