बीपी के सीईओ ने जयपाल रेड्डी को लिखा पत्र

रिलायंस इंडस्ट्रीज के केजी बेसिन स्थित डी-6 ब्लॉक में घटते गैस उत्पादन को बढ़ाने की कवायद के तहत ब्रिटेन की कंपनी बीपी पीएलसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बॉब डुडले ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक मंत्री एस. जयपाल रेड्डी को पत्र लिखा है।

 

नई दिल्ली : रिलायंस इंडस्ट्रीज के केजी बेसिन स्थित डी-6 ब्लॉक में घटते गैस उत्पादन को बढ़ाने की कवायद के तहत ब्रिटेन की कंपनी बीपी पीएलसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बॉब डुडले ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक मंत्री एस. जयपाल रेड्डी को पत्र लिखा है।

 

डुडले ने केजी डी-6 के विकास योजना के मामले में अफसरशाही रुकावटों को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्री से कहा है कि रिलायंस के इस बहुचर्चित क्षेत्र की उसकी क्षमता के अनुरुप बेहतर ढंग से इसका दोहन किया जा सके इसके लिये मंत्रालय की तरफ से जल्द मंजूरी दी जानी चाहिए।

 

बीपी ने हाल ही में केजी-डी6 और रिलायंस इंडस्ट्रीज के अन्य ब्लाकों में 30 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है और इस ठंढ के मौसम में समुद्र तल का सर्वेक्षण करना चाहती है। बंगाल की खाड़ी में ऐसे कामों के लिए सिर्फ यही चार महीने उपयुक्त होते हैं। पिछले महीने दोहा में विश्व पेट्रोलियम कांग्रेस के मौके पर रेड्डी के साथ हुई बैठक के बाद लिखे इस पत्र में कहा कि यदि समय पर मंजूरी नहीं मिली तो पूरा साल बर्बाद हो सकता है।

 

उन्होंने पिछले महीने लिखे पत्र में कहा कि जैसा कि मैंने अपनी दोहा की बैठक में कहा था कि मैं इस बारे में बहुत चिंतित हूं कि यदि हमें इस दिसंबर में समुद्र तल सर्वेक्षण की इजाजत नहीं मिलती तो पूरा साल बर्बाद हो जाएगा और हम भारतीय बाजार में अतिरिक्त गैस लाने का लक्ष्य पूरा नहीं कर पाएंगे।

 

आरआईएल की केजी-डी6 ब्लाक के उत्पादन कर रहे डी1 और डी3 क्षेत्र के आस-पास चार उपक्षेत्रों को विकसित करने की आरआईएल की 1.52 अरब डालर की योजना को पेट्रोलियम मंत्रालय की मंजूरी का इंतजार है। उक्त सर्वेक्षण इसी विकास योजना का हिस्सा है। ब्लॉक का उत्पादन बढ़ाने के लिए ये उपक्षेत्र महत्वपूर्ण हैं। इस ब्लाक से उत्पादन पिछले डेढ़ साल में घटकर 3.9 करोड़ घन मीटर रह गया है। डुडले ने लिखा है कि मेरे लौटने के बाद मेरी टीम ने उत्पादन भागीदारी अनुबंध (पीएससी) का फिर से अध्ययन किया।

(एजेंसी)