विमानन क्षेत्र के लिए नए नियामक का रास्‍ता साफ

सरकार ने डीजीसीए की जगह नागर विमानन क्षेत्र के लिए एक नया विमानन नियामक गठित करने का प्रस्ताव गुरुवार को मंजूर किया। नया नियामक को अपने कामकाज एवं वित्तीय व्यवस्था के संबंध में पूर्ण स्वायत्त होगी। सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की एक बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

नई दिल्ली : सरकार ने डीजीसीए की जगह नागर विमानन क्षेत्र के लिए एक नया विमानन नियामक गठित करने का प्रस्ताव गुरुवार को मंजूर किया। नया नियामक को अपने कामकाज एवं वित्तीय व्यवस्था के संबंध में पूर्ण स्वायत्त होगी। सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल की एक बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
नया नियामक नागर विमानन प्राधिकरण (सीएए) कहलाएगा और यह नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) का स्थान लेगा। सीएए नागर विमानन सुरक्षा का नियमन करेगा एवं इस मामले में हवाई परिवहन आपरेटरों, हवाई सेवा निगरानी आपरेटरों एवं अन्य नागर विमानन सुविधाओं के आपरेटरों की व्यवस्था पर निगरानी का प्रबंध करेगा।
सूत्रों ने कहा कि चूंकि डीजीसीए के पास वित्तीय अधिकार सीमित हैं, इसलिए वह गतिशील नागर विमानन क्षेत्र की मांगों को पूरा करने के लिए पर्याप्त ढांचागत बदलाव करने में असमर्थ है। इसी लिए इस क्षेत्र में एक नए नियामक की आवश्यकता महसूस की गई जिसके पास अधिक प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार होंगे। डीजीसीए की तरह सीएए भी वित्तीय दबावों के चलते विमान परिचालन में सुरक्षा पर असर से संबंधित मामलों को देखेगा। पिछले साल अक्तूबर में दिवालिया हुई किंगफिशर एयरलाइंस के मामले में ऐसी ही स्थिति देखने को मिली थी।
इसके अलावा, सीएए उपभोक्ता अधिकार संरक्षण व नागर विमानन क्षेत्र में पर्यावरण नियमन से जुड़े मुद्दे को भी देखेगा। सीएए की स्थापना के पीछे यह भी उद्येश्य है कि संयुक्तराष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय नागर विमानन संगठन (आईसीएओ) तथा अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन और ब्रिटेन के सीएए आदि जैसे नियामकों के मानकों को पूरा किया जा सके। (एजेंसी)

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