सरकार कहे तो वृद्धि वापस : तेल कंपनियां

पेट्रोल के दाम बढ़ाए जाने की चौतरफा आलोचना को देखते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने कहा है कि यदि सरकार निर्देश देगी तो वह मूल्य वृद्धि वापस लें लेंगी।

[caption id="attachment_30654" align="alignleft" width="300" caption="आईओसी चेयरमैन आर.एस. बुटोला"][/caption]

नई दिल्ली : खाद्य पदार्थों की बढ़ती महंगाई के बीच पेट्रोल के दाम बढ़ाए जाने की चौतरफा आलोचना को देखते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने आज कहा कि यदि सरकार निर्देश देगी तो वह मूल्य वृद्धि वापस लें लेंगी।

 

पेट्रोलियम पदार्थों की बिक्री करने वाले सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) के चेयरमैन आर.एस. बुटोला ने जल्दबाजी में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘सरकार ने पिछले वर्ष जून में पेट्रोल के दाम नियंत्रणमुक्त कर दिए थे लेकिन कंपनी के मालिकाना ढांचे को देखते हुए सरकार यदि मूल्य वृद्धि वापस लेने का निर्देश देगी तो हम उसका पालन करेंगे।’

 

भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के अध्यक्ष आर.के. सिंह ने भी कहा, ‘मूल्य वृद्धि वापस लेने का हमारा कोई इरादा नहीं है, लेकिन यदि हमें सरकार से इस संबंध में निर्देश मिलेगा तो हमें उसे मानना होगा।’ पेट्रोल के दाम में लगातार वृद्धि से मनमोहन सरकार में शामिल कुछ दलों के नाराज होने के बाद तेल कंपनियों ने यह पहल की है।

 

मालूम हो कि संप्रग सरकार में शामिल तृणमूल कांग्रेस ने आपात बैठक बुलाकर सरकार से समर्थन वापसी तक की बात कह दी है। संप्रग के अन्य सहयोगी एनसीपी और नेशनल कांफ्रेंस ने भी पेट्रोल मूल्य वृद्धि पर नाराजगी जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। बहरहाल, कांग्रेस सूत्रों ने संकेत दिया है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के जी-20 सम्मेलन से लौटने के बाद ही समस्या का कोई हल निकल सकता है। (एजेंसी)