IOC पश्चिमी तट पर 30,000 करोड़ की लगाएगी रिफाइनरी

सरकारी कंपनी इंडियन आयल कापरेरेशन (आईओसी) ने आज कहा कि उसने अपनी क्षमता बढ़कर 10 करोड़ टन करने की योजना के तहत पश्चिमी तट पर गुजरात या महाराष्ट्र में 30,000 करोड़ रुपए की रिफाइनरी लगाने की सोच रही है।

नई दिल्ली : सरकारी कंपनी इंडियन आयल कापरेरेशन (आईओसी) ने आज कहा कि उसने अपनी क्षमता बढ़कर 10 करोड़ टन करने की योजना के तहत पश्चिमी तट पर गुजरात या महाराष्ट्र में 30,000 करोड़ रुपए की रिफाइनरी लगाने की सोच रही है।
आईओसी के पास सात रिफाइनरी हैं जिनकी कुल क्षमता 5.42 करोड़ टन है और उसकी सहयोगी कंपनी चेन्नई पेट्रोलियम निगम लिमिटेड (सीपीसीएल) की क्षमता 1.15 करोड़ टन है। अब तक कंपनी के पास तटीय इलाकों में कोई रिफाइनरी नहीं है जिसके कारण वह सस्ती दर पर कच्चे तेल का प्रसंस्करण नहीं कर सकती।
आईओसी के निदेशक (रिफाइनरी) राजकुमार घोष ने यहां कहा, हम पश्चिमी तट पर 1.5 करोड़ टन की रिफाइनरी लगाने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आईओसी गुजरात और महाराष्ट्र में नई इकाई की स्थापना पर विचार कर रही है। कंपनी को गुजरात के मुंदड़ा में अडाणी समूह ने जमीन की पेशकश की है जबकि शापूरजी पलोंजी समूह ने सौराष्ट्र में जमीन देने की बात कही है।
गुजरात के कोयली में आईओसी का पहले से ही एक 1.37 करोड़ टन की तेल शोधन क्षमता वाला संयंत्र है जबकि महाराष्ट्र में इसका कोई संयंत्र नहीं है। उसकी सभी रिफाइनरी जमीनी इलाकों में है। कंपनी सितंबर 2013 तक ओडिशा के पारादीप में तटीय रिफाइनरी बना रही है।
घोष ने कहा ‘‘हमने पश्चिम तट पर रिफाइनरी स्थापित करने के संबंध में अध्ययन का जिम्मा इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को दिया है।’’ पश्चिमी तट पर रिफाइनरी 13वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान बनकर तैयार हो जाएगी।
घोष ने कहा कि आईओसी ने 2021-12 तक अपनी तेल-शोधन क्षमता बढ़ाकर 10 करोड़ टन करने की योजना बनाई है। कोयली रिफाइनरी की क्षमता 4,858 करोड़ रुपए की लागत से 2014 तक बढ़ाकर 1.8 करोड टन की जाएगी। इसके अलावा मथुरा और पानीपत इकाई का भी विस्तार किया जा रहा है। (एजेंसी)