क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरेगा भारत ‘ए’

त्रिकोणीय श्रृंखला के बाद पहले टेस्ट में भी पारी के अंतर से जीत दर्ज करने वाली भारत ‘ए’ टीम शनिवार से दक्षिण अफ्रीका ‘ए’ के खिलाफ यहां शुरू होने वाले दूसरे अनधिकृत टेस्ट क्रिकेट मैच में भी अपना दबदबा बरकरार रखकर दो मैचों की श्रृंखला में क्लीन स्वीप करना चाहेगी।

प्रिटोरिया : त्रिकोणीय श्रृंखला के बाद पहले टेस्ट में भी पारी के अंतर से जीत दर्ज करने वाली भारत ‘ए’ टीम शनिवार से दक्षिण अफ्रीका ‘ए’ के खिलाफ यहां शुरू होने वाले दूसरे अनधिकृत टेस्ट क्रिकेट मैच में भी अपना दबदबा बरकरार रखकर दो मैचों की श्रृंखला में क्लीन स्वीप करना चाहेगी।
चेतेश्वर पुजारा की अगुवाई वाली टीम ने रस्टेनबर्ग में खेले पहले मैच में पारी और 13 रन से जीत दर्ज की थी। उस मैच में मध्यक्रम के तीन बल्लेबाजों पुजारा, रोहित शर्मा और सुरेश रैना ने शतक जमाये जिससे भारत ने नौ विकेट पर 582 रन पर पारी समाप्त घोषित की थी।
इसके बाद भारत के तेज और स्पिन मिश्रित आक्रमण ने दक्षिण अफ्रीकी टीम को फालोआन पर मजबूर किया और फिर दूसरी पारी में 212 रन पर ढेर कर दिया। मध्यम गति के गेंदबाज ईश्वर पांडे ने मैच में सात विकेट लिये जबकि मोहम्मद शमी ने भी अच्छी गेंदबाजी की।
त्रिकोणीय श्रृंखला में 248 रन की पारी खेलने वाले शिखर धवन और उनके साथ पारी का आगाज करने वाले मुरली विजय पिछले मैच में नहीं चल पाये थे। भारत की सलामी जोड़ी में हालांकि किसी तरह का बदलाव होने की संभावना नहीं है। मध्यक्रम में अंबाती रायुडु को मौका दिया जा सकता है जिन्होंने त्रिकोणीय श्रृंखला में कुछ अच्छी पारियां खेली थी। विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक को भी अंतिम एकादश में रखा जा सकता है।
भारतीय टीम यहां की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ है और खिलाड़ियों को तालमेल बिठाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। भारतीय टीम को हालांकि आत्ममुग्धता से बचना होगा क्योंकि दक्षिण अफ्रीकी टीम वापसी करने में सक्षम है। दक्षिण अफ्रीका अब भी अनुभवी जे पी डुमिनी, डील एल्गर, रिली रोसो और रीजा हेंड्रिक्स पर निर्भर है।
गेंदबाजी विभाग में उसके पास वायने पर्नेल और काइल अबोट के रूप में तेज गेंदबाज और साइमन हर्मर जैसा आफ स्पिनर है जो स्थानीय परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश करेगा। भारत की सीनियर टीम को इस साल नवंबर में दक्षिण अफ्रीका का दौरा करना है। उस लिहाज से भारत ए का दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है लेकिन उन्हें अभी तक सपाट विकेट ही मिले हैं।
भारतीय कप्तान पुजारा ने पहले मैच के बाद कहा था, ‘हमें भारत में इस तरह के सपाट विकेट पर खेलने का अनुभव है और इससे हमें फायदा मिला। गेंदबाजों को सपाट पिच पर विकेट लेने के लिये मेहनत करनी पड़ी और हमारा यह अनुभव काम आया।’ (एजेंसी)