टीम इंडिया को विशुद्ध ऑलराउंडर की जरूरत: धोनी

भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि उनकी टीम को कामचलाउ गेंदबाजों के साथ मैच जीतने में लगातार दिक्कत हो रही है और हाल में एकदिवसीय क्रिकेट के नियमों में हुए बदलाव को देखते हुए उन्हें विशुद्ध आलराउंडर की जरूरत है।

कोलकाता : भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि उनकी टीम को कामचलाउ गेंदबाजों के साथ मैच जीतने में लगातार दिक्कत हो रही है और हाल में एकदिवसीय क्रिकेट के नियमों में हुए बदलाव को देखते हुए उन्हें विशुद्ध आलराउंडर की जरूरत है। धोनी ने कहा कि पूरे 50 ओवर तक कम से कम पांच खिलाड़ियों के 30 गज के घेरे के अंदर खड़े होने के नये नियम ने भारत जैसी टीमों के लिए समस्या पैदा कर दी है जो कामचलाउ गेंदबाजों पर निर्भर करती हैं।
पाकिस्तान के खिलाफ कल यहां होने वाले दूसरे वनडे की पूर्व संध्या पर धोनी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘हम कामचलाउ गेंदबाजों के साथ खेलने के आदी हैं। लेकिन काम चलाउ गेंदबाजों के लिए पांच क्षेत्ररक्षकों को 30 गज के दायरे में खड़े करके गेंदबाजी करना मुश्किल है। इसके अलावा अगर ओस है तो आपको टर्न भी नहंी मिलता। यह और अधिक मुश्किल हो जाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘नये नियमों को देखते हुए आपको आकलन करना होगा कि छह बल्लेबाज काफी हैं या सात की जरूरत है। कामचलाउ गेंदबाजों के साथ खेलना और यह उम्मीद करना कि वे 10 ओवर गेंदबाजी करेंगे, यह काफी मुश्किल है।’’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘हमें एक खिलाड़ी की तलाश है तो इस दरार को पाट सके। टीम के संतुलन के लिए विशुद्ध आलराउंडर की जरूरत है। निचले क्रम का योगदान भी काफी अहम होता है विशेषकर तब जब आप लक्ष्य का पीछा कर रहे हों।’’

धोनी ने हालांकि कहा कि अगर बल्लेबाज लय में आ जाए तो नये नियमों के तहत उसके पास बड़ी पारी खेलने का मौका है। उन्होंने कहा, ‘‘जब पांच क्षेत्ररक्षक सर्कल के अंदर होते हैं तो बल्लेबाज बड़े शाट खेलने की कोशिश करते हैं जिससे अधिकतर विकेट भी मिलते हैं।’’ भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘पहले यह अहम था कि तीन पावर प्ले में अधिक से अधिक रन बटोरे जाएं लेकिन नये नियमों के तहत पूरी पारी के दौरान पांच क्षेत्ररक्षक 30 गज के दायरे में होंगे जिसका मतलब हुआ कि अगर आप लय में आ गए हैं तो बड़ी पारी खेलने का अच्छा मौका है। अच्छी फार्म में होना और जितने अधिक ओवर संभव हो खेलना अहम है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘पिछले मैच में हमने देखा कि अगर आपके पास विकेट हैं और आपके मुख्य बल्लेबाज मौजूद हैं तो आप काफी रन बना सकते हो। आपको विकेट बचाने होंगे।’’ धोनी ने कहा कि उनकी टीम विश्व कप के बाद से बदलाव के दौर से गुजर रही है और अनुभव के साथ उसके प्रदर्शन में सुधार होगा।
उन्होंने कहा ,‘‘टेस्ट हो या वनडे, हम बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं। यहां तक कि वनडे में हमारे अधिकांश मुख्य गेंदबाज चोटिल हैं। हमारे पास नये गेंदबाज हैं, ये जितना अधिक खेलेंगे उतने अधिक बेहतर होंगे। मैं इसे लेकर अधिक चिंतित नहीं हूं। उन्हें अधिक मैचों की जरूरत है।’’ भारतीय कप्तान ने हालांकि स्वीकार किया कि पाकिस्तान के खिलाफ पहले वनडे में हार के बाद उनकी टीम पर दूसरे मैच में दबाव होगा।
धोनी ने कहा, ‘‘यह हमारे लिए महत्वपूर्ण मैच है। हम थोड़े दबाव में हैं क्योंकि हमें यह मैच हर हाल में जीतना होगा। यह छोटी श्रृंखला है और आप विरोधी को तेजी से आगे बढ़ने नहीं दे सकते।’’ पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों ने पहले वनडे में छह विकेट की जीत के दौरान भारत के शीर्ष क्रम को धवस्त कर दिया था लेकिन धोनी ने कहा कि सिर्फ एक मैच के प्रदर्शन से उन्हें नहीं आंका जाना चाहिए। धोनी ने हाल में खराब प्रदर्शन के बाद पूर्व खिलाड़ियों के उनकी कप्तानी की आलोचना करने को भी अधिक तवज्जो नहीं देते हुए कहा कि वह उनको प्रतिक्रिया देने की जगह अपने खेल पर ध्यान देना पसंद करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘यह उनका नजरिया है। आपको उनके विचार का सम्मान करना होगा। मेरा काम क्रिकेट खेलना और युवाओं की मदद करना है। सभी को पता है कि समस्या क्या है। हम इस बात को लेकर अधिक चिंतित हैं कि एक टीम में रूप में अच्छा प्रदर्शन कैसे करें।’’ भारतीय कप्तान ने मैच 12 बजे दोपहर को शुरू करने के कदम की भी सराहना करते हुए कहा कि इससे ओस का प्रभाव कम हो जाएगा। (एजेंसी)