डाओ: आईओए ने आईओसी को लिखा पत्र

भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) ने मंगलवार को एक पत्र के माध्यम से डाओ केमिकल्स को लंदन ओलम्पिक के प्रायोजक पद से हटाने के बारे में अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) के सामने पुरजोर तरीके से अपना पक्ष रखा है।


नई दिल्ली : भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) ने मंगलवार को एक पत्र के माध्यम से डाओ केमिकल्स को लंदन ओलम्पिक के प्रायोजक पद से हटाने के बारे में अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) के सामने पुरजोर तरीके से अपना पक्ष रखा है। डाओ केमिकल्स ही 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के लिए जिम्मेदार है।

 

आईओए के कार्यकारी अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने आईओसी प्रमुख जाक रॉग को सम्बोधित पत्र में लिखा है, मैं आपको यह पत्र इसलिए लिख रहा हूं क्योंकि मैं भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के लाखों लोगों के विचारों से आपको अवगत करना चाहता हूं। मैं चाहता हूं कि आप यह जाने कि डाओ को लंदन ओलम्पिक का प्रायोजक बनाने से करोड़ों लोगों में किस स्तर की नाराजगी है।

आईओए के पास कई पूर्व ओलम्पिक खिलाड़ियों, सैकड़ों की संख्या में गैस पीड़ितों, स्वंयसेवी संगठनों और गैस पीड़ितों के बीच काम कर रही संस्थाओं ने एक स्वर में डाओ को लंदन ओलम्पिक से जोड़े जाने का विरोध किया है। तमाम लोगों और संगठनों ने अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से डाओ को ओलम्पिक प्रायोजकों की सूची से हटाने की मांग की है क्योंकि यह कम्पनी आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदाओं में से एक के लिए जिम्मेदार है।

इस पत्र की एक प्रति लंदन ओलम्पिक आयोजन समिति के प्रमुख सेबेस्टियन कोए को भेजा गया है। भारत में हो रहे भारी विरोध को देखते हुए डाओ ने लंदन ओलम्पिक स्टेडियम से अपने विज्ञापन हटाने की बात कही है लेकिन मल्होत्रा ने अपने पत्र में लिखा कि वह सिर्फ इस कदम से संतुष्ट नहीं हैं।

मल्होत्रा ने कहा, एक गलत अभियान के जरिए यह बात फैलाने की कोशिश की जा रही है कि डाओ ने मामला सुलझा लिए जाने का दावा किया है। यह सही नहीं है। यह मामला अभी भी अदालत में लम्बित है। आईओए का मानना है कि डाओ को प्रायोजकों की सूची से स्वत: ही हट जाना चाहिए क्योंकि उसकी मौजूदगी ओलम्पिक भावना के खिलाफ है।  (एजेंसी)