बैठक में IOA के निलंबन का प्रस्ताव रखेगा IOC

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने आज साफ किया कि अगर भारतीय ओलंपिक संघ के चुनाव सरकार की खेल संहिता के तहत हुए तो वह अगले महीने की शुरूआत में अपने कार्यकारी बोर्ड की बैठक में आईओए को निलंबित करने का प्रस्ताव रखेगा।

नई दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने आज साफ किया कि अगर भारतीय ओलंपिक संघ के चुनाव सरकार की खेल संहिता के तहत हुए तो वह अगले महीने की शुरूआत में अपने कार्यकारी बोर्ड की बैठक में आईओए को निलंबित करने का प्रस्ताव रखेगा।
आईओसी के महानिदेशक क्रिस्टोफ डि कीपर ने आईओए के कार्यवाहक प्रमुख वीके मल्होत्रा को लिखे पत्र में इस मुद्दे को सुलझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल को भेजने की मांग को ठुकरा दिया है और भारतीय खेल संस्था को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू करने की धमकी दी है।
आईओसी ने आईओए को अपने 23 नवंबर को लिखे पत्र के निर्देशों को एक बार फिर दोहराया जिसमें आईओए को 30 नवंबर तक अपनी स्थिति स्पष्ट करने या निलंबन का सामना करने के लिए तैयार रहने को कहा गया था।
वैश्विक संस्था ने इससे पहले जो पत्र लिखा था उसमें उसके प्रमुख जाक रोगे और एशियाई ओलंपिक परिषद के अध्यक्ष शेख अहमद अल सबाह के हस्ताक्षर थे। इसमें चेतावनी दी गई थी कि अगर पांच दिसंबर को होने वाले चुनाव सरकार की खेल संहिता के तहत होते हैं और ओलंपिक चार्टर की अनदेखी होती है तो भारत को निलंबित किया जा सकता है।
आईओसी के 23 नवंबर के पत्र में जवाब में मल्होत्रा ने वैश्विक संस्था को इस मुद्दे के समाधान के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भारत भेजने को कहा था। आईओसी के नये पत्र में कहा गया है, आईओसी और ओसीए इस समय भारत में प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजेगा। आपके 26 नवंबर को लिखे पत्र से हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि आईओए और सरकारी अधिकारी इस स्थिति में सुधार नहीं कर पाए हैं जिसके मुताबिक आईओसी की जरूरत के अनुसार आईओए चुनावों का आयोजन ओलंपिक चार्टर और आईओए संविधान के मुताबिक होना था।
पत्र के अनुसार, इसे देखते हुए पुष्टि की जाती है कि ओलंपिक चार्टर के नियम 27 . 9 और 59. 1. 4 के तहत आईओए को निलंबित करने का प्रस्ताव चार-पांच दिसंबर 2012 को होने वाली आईओसी के कार्यकारी बोर्ड की बैठक में पेश किया जाएगा।
इसके मुताबिक, जैसा कि आईओसी-ओसीए के 23 नवंबर को लिखे पत्र में कहा गया है कि आईओए 20 नवंबर 2012 तक सभी जरूरी स्पष्टीकरण देने और लिखित में आईओसी को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए आमंत्रित है।
आईओसी ने साथ ही चुनाव प्रक्रिया में आगे बढ़ने के लिए आईओए को फटकार भी लगाई क्योंकि वैश्विक संस्था ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि ऐसे चुनाव को वह और ओसीए मान्यता नहीं देगा। इस पत्र की प्रति रोगे और अल सबाह को भी भेजी गई है।
इसमें कहा गया है, यह काफी हैरानी भरा और विरोधाभासी है कि आपने आईओसी की चुनाव प्रक्रिया में आगे बढ़ने का फैसला किया। आईओसी और ओसीए ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अगर ऐसी चुनाव प्रकिया होगी तो आईओसी और ओसीए इसे मान्यता नहीं देंगे।
पत्र के अनुसार, :आईओसी-ओसीए के 23 नवंबर को लिखे पत्र में: साफ तौर पर बताया गया था कि अगर स्थिति में तुरंत प्रभाव से सुधार नहीं किया गया और आईओसी को स्पष्ट और लिखित गारंटी नहीं दी गई कि आईओए के चुनाव ओलंपिक चार्टर और आईओए संविधान के मुताबिक होंगे तो चार-पांच दिसंबर को आईओसी कार्यकारी बोर्ड की बैठक में आईओए को निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया जाएगा।
उन्होंने कहा, दुर्भाग्य से आपका पत्र हमें इस तरह की गारंटी नहीं देता लेकिन आईओसी-ओसीए प्रतिनिधिमंडल को भारत आने के लिए आमंत्रित करता है जबकि आप चुनाव प्रक्रिया में आगे बढ़ते हैं। वैश्विक संस्था ने दो साल से भी अधिक समय तक इस मुद्दे को सुलझाने में नाकाम रहने पर आईओए और खेल मंत्रालय पर भी निशाना साधा। (एजेंसी)