श्रीनिवासन को हटाने की मांग जारी, बोर्ड सदस्यों ने टाले सवाल

बीसीसीआई अध्यक्ष पद से एन श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग के बीच क्रिकेट बोर्ड के तीन महत्वपूर्ण सदस्यों ने इस मसले पर सवालों को टाल दिया और चारों तरफ से घिरे बोर्ड प्रमुख ने भी शिकायत की कि मीडिया उनके पीछे पड़ा हुआ है।

नई दिल्ली : बीसीसीआई अध्यक्ष पद से एन श्रीनिवासन के इस्तीफे की मांग के बीच क्रिकेट बोर्ड के तीन महत्वपूर्ण सदस्यों ने इस मसले पर सवालों को टाल दिया और चारों तरफ से घिरे बोर्ड प्रमुख ने भी शिकायत की कि मीडिया उनके पीछे पड़ा हुआ है। भाजपा के सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने आईपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला और अपनी पार्टी के नेता अरुण जेटली की श्रीनिवासन के खिलाफ आवाज नहीं उठाने के लिये कड़ी आलोचना की। ये दोनों ही बीसीसीआई के महत्वपूर्ण पदाधिकारी हैं।
आजाद ने कहा, ‘यूपीए और एनडीए के उच्च नैतिक मूल्य रखने वाले लोग कहां है। वे आईपीएल मामले में श्रीनिवासन को हटाने के लिये आवाज क्यों नहीं उठा रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘जो लोग किसी भी राजनीतिक मसले पर संसद में आवाज उठाते हैं वे आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग और बीसीसीआई प्रमुख को हटाने पर चुप्पी साधे हुए हैं।’
दरभंगा से लोकसभा सदस्य आजाद ने कहा, ‘जिन लोगों ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदुरप्पा के इस्तीफे की मांग की या एनडीए के जिन नेताओं ने पी के बंसल और अश्विनी कुमार को मनमोहन सिंह कैबिनेट से हटाने के लिये दबाव बनाये, वे इस संवेदनशील मसले पर चुप हैं।’
पत्रकारों ने कांग्रेस कार्यालय में जब आईपीएल चेयरमैन शुक्ला से पूछा तो उन्होंने इस मसले पर बात करने से इन्कार कर दिया। शुक्ला ने कहा, ‘यह इस पर बात करने का अवसर नहीं है। छत्तीसगढ़ में गंभीर घटना हुई है। मैं प्रार्थना सभा में जा रहा हूं।’
बोर्ड के उपाध्यक्ष और अनुशासन समिति के सदस्य अरुण जेटली ने आईपीएल को झकझोरने वाले स्पॉट फिक्सिंग में दोषी पाये जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया। बीसीसीआई उपाध्यक्ष और बोर्ड की अनुशासनात्मक समिति के सदस्य अरुण जेटली ने कहा कि जो भी आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग में संलिप्तता का दोषी पाया जायेगा, उसके खिलाफ ‘कड़ी कार्रवाई’ होगी।
आईपीएल की संचालन परिषद के भी सदस्य जेटली ने कहा कि निर्धारित समय सीमा के अंदर ही स्वंतत्र और उचित जांच करायी जायेगी। जेटली से जब स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी और सुरक्षा इकाई इन मामलों को देख रही है।’
उन्होंने कहा,‘उच्चतम न्यायालय ने बीसीसीआई को 15 दिन की समय सीमा दी है। यह अपनी रिपोर्ट सौपेगी जो अनुशासनात्मक समिति के समक्ष पेश की जाएगी। आश्वस्त रहिये कि जो भी दोषी पाया जायेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।’ तिरूवनन्तपुरम में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग भ्रष्टाचार से जुड़ा मसला है और पिछले कुछ दिनों में जो कुछ हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा,‘यह भ्रष्टाचार और विश्वासघात का मसला है। यह अच्छा है कि सरकार सट्टेबाजी और फिक्सिंग से निबटने के लिये कानून बनाने पर विचार कर रही है।’
रूडी ने कहा,‘यह चिंता की बात है कि व्यक्तिगत भ्रष्टाचार को सरकारी स्तर पर हुए भ्रष्टाचार एवं घोटालों से ज्यादा तवज्जो मिल रही है।’’ यह पूछे जाने पर कि क्या बीसीसीआई प्रमुख श्रीनिवासन को स्पॉट फिक्सिंग मामले में इस्तीफा दे देना चाहिए था, रूडी ने कहा कि ऐसे मामलों में फैसला करना किसी व्यक्ति की शुचिता पर निर्भर करता है।
इस बीच, स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण के बावजूद अपना पद नहीं छोड़ने का फैसला करने वाले श्रीनिवासन ने सोमवार को कहा कि उनसे इस्तीफे की मांग ‘उनके पीछे पड़ा मीडिया’ कर रहा है। श्रीनिवासन के दामाद और चेन्नई सुपरकिंग्स के सीईओ गुरुनाथ मयप्पन को सट्टेबाजी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है।
बोर्ड अध्यक्ष कोलकाता में आईपीएल फाइनल देखने के बाद आज यहां पहुंचे। कल पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान दर्शकों ने उनकी मौजूदगी पर नाराजगी जताई थी। हवाई अड्डे पर जब पत्रकारों ने स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण के बारे पूछा और कहा कि क्या वे नैतिक आधार पर इस्तीफा देंगे तो श्रीनिवासन ने कहा, ‘प्रेस मेरे पीछे पड़ी है, मीडिया मेरे पीछे पड़ा है। मैं पहले ही संवाददाता सम्मेलन में सब कुछ स्पष्ट कर चुका हूं। मेरे पास इस्तीफा देने का कोई कारण नहीं है।’ (एजेंसी)

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