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अमेरिका ने ओसामा को मैजिक बुलेट से मारने पर किया था विचार

अमेरिका ने आतंकवादी सरगना ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में उसके खुफिया ठिकाने पर ‘‘मैजिक बुलेट’’ से धराशायी करने पर भी विचार किया था।

वाशिंगटन: अमेरिका ने आतंकवादी सरगना ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान में उसके खुफिया ठिकाने पर ‘‘मैजिक बुलेट’’ से धराशायी करने पर भी विचार किया था।
एक नयी किताब में खुलासा किया गया है कि रेथियोन जीपीएस द्वारा हाल ही में विकसित यह ‘‘मैजिक बुलेट’’ एक बेहद छोटी मिसाइल है जिसका आकार एक फुट से भी कम है और इसे एक नन्हें ड्रोन पर लगाकर छोड़ा जा सकता है ।
राष्ट्रपति बराक ओबामा के पसंदीदा जनरल जेम्स कार्टराइट ने ओसामा को इस मैजिक मिसाइल के जरिए मारे जाने का सुझाव दिया था। उस समय वह ज्वाइंट चीफ आफ स्टाफ के उप प्रमुख थे ।
ओबामा द्वारा पाकिस्तान के ऐबटाबाद में लादेन के ठिकाने पर छापा मारने के ओबामा द्वारा दिए गए आदेश के कई दिन पूर्व इस नयी तकनीक को इस्तेमाल करने पर विचार किया गया था। ओबामा की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम का मानना था कि कमांडो शैली के अभियान में खतरा बहुत अधिक है ।
जनरल कार्टराइट ने टीम को बताया था कि यह मैजिक मिसाइल आसपास किसी को नुकसान पहुंचाए बिना किसी व्यक्ति या किसी वाहन को निशाना बना सकती है । मार्क बाउडेन ने अपनी किताब (‘द फिनिश : द किलिंग आफ ओसामा बिन लोदन’) में यह खुलासा किया है जो आज बाजार में आयी है ।
किताब में कहा गया है , ‘‘ एसटीएम ( स्माल टैक्टिकल म्यूनिशन ) का वजन केवल 13 पाउंड है और यह मिसाइल पांच पाउंड का आयुध ले जा सकती है । इसे एक ऐसे ड्रोन से प्रक्षेपित किया जा सकता है जो खुद एक माडल विमान से अधिक बड़ा नहीं होता और जो किसी भी देश के रक्षा राडार की नजरों से बच निकलने में सक्षम है ।
किताब में कहा गया है, ‘‘ यह एक ‘दागो और भूल जाओ’ प्रकार की मिसाइल है जिसका मतलब है कि इसे एक बार दागने के बाद निर्देशित नहीं किया जा सकता । यह दिए गए लक्ष्य को अपने आप ढूंढ कर और पूरी सटीकता के साथ निशाना लगाकर उसे नष्ट करेगी।’’ खुफिया जानकारी के अनुसार, चूंकि लादेन एक ही परिसर में रोजाना घूमता था इसलिए कार्टराइट का मानना था कि मिसाइल उसे मार देगी और बहुत अधिक संभावना है कि केवल उसी का खात्मा करेगी। इससे किसी अमेरिकी को कोई खतरा नहीं होगा।
बाउडेन ने किताब में लिखा है कि शीर्ष सुरक्षा टीम ने इस बात पर भी विचार किया था कि यदि मिसाइल चूक गयी या लक्ष्य लादेन नहीं निकला तो यह ऐबटाबाद में मात्र एक ऐसे विस्फोट के रूप में जाना जाएगा जिसके बारे में कभी कोई नहीं जान पाएगा कि यह कैसे और क्यों हुआ। (एजेंसी)