अमेरिका में जारी कर्ज़ संकट टला

भारी वित्तीय दबाव में फंसे ओबामा प्रशासन के लिए यह बड़ी राहत की ख़बर है.

 

[caption id="attachment_1209" align="alignnone" width="150" caption="अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा"][/caption]

अमेरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने घोषणा की है कि कर्ज़ लेने की सीमा बढ़ाने पर डेमोक्रैटिक और रिपब्लिकन पार्टी में समझौता हो गया है. भारी वित्तीय दबाव में फंसे ओबामा प्रशासन के लिए यह बड़ी राहत की ख़बर है.

अमरीका के दोनों बड़े दल यानी डेमोक्रैटिक पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी के बीच देश की कर्ज़ सीमा बढ़ाने पर समझौता हो गया है. अमेरीकी कायदे-कानून के मुताबिक मंगलवार तक ओबामा प्रशासन को कर्ज़ सीमा बढ़ाना था नहीं तो अमरीकी सरकार की साख़ डिफॉल्टर वाली हो जाती.

वित्तीय संकट में डूबे अमरीका को खर्चे चलाने के लिए और पैसों की जरुरत है जिसे कर्ज़ लेकर पूरा किया जाएगा. यहां कर्ज़ की सीमा तय होती है और इसे बढ़ाने-घटाने के लिए संसद के दोनों सदनों की इजाजत लेनी पड़ती है.

इस तरह का प्रस्ताव निचले सदन हाऊस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव से पारित हो गया था लेकिन सीनेट ने ख़ारिज कर दिया था. इसके बाद मौजूदा संकट बढ़ता नज़र आया और राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दोनों दलों से मिलजुलकर सहमति बनाने को कहा. सहमति के मुताबिक लगभग 14 खरब डॉलर की कर्ज सीमा बढ़ाई जाएगी लेकिन अगले दस वर्षों में सरकारी खर्चों में भी एक खरब डॉलर की कटौती की जाएगी.

अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि हालांकि वो इस तरह का समझौता नहीं चाहते थे लेकिन इसके तहत सरकार के घाटे में कमी के लिए गंभीर कोशिश होगी.

सरकार के घाटे को कम करने को लेकर राष्ट्रपति बराक ओबामा की डेमोक्रेटिक और विपक्षी रिपब्लिकन पार्टियों में भारी मतभेद हैं. इसी कारण श्रृण संकट ने और गंभीर रूख़ अख़्तियार कर लिया था.