close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

ओसामा बिन लादेन काना था : जवाहिरी

अमेरिकी कार्रवाई में पाकिस्तान के ऐबटाबाद में मारा गया अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी ओसामा बिन लादेन एक आंख से काना था और किसी जमाने में वह मुस्लिम ब्रदरहुड का सदस्य रहा था।

लंदन: अमेरिकी कार्रवाई में पाकिस्तान के ऐबटाबाद में मारा गया अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी ओसामा बिन लादेन एक आंख से काना था और किसी जमाने में वह मुस्लिम ब्रदरहुड का सदस्य रहा था।
लादेन के उत्तराधिकारी अयमान अल जवाहिरी ने पूर्व सरगना को दी गयी श्रद्धांजलि में एक नए वीडियो में यह दावा किया है ।
जवाहिरी ने लादेन के जीवन के बारे में वीडियो में एक घंटे तक बातचीत की है । लादेन पिछले साल पाकिस्तान के ऐबटाबाद में अमेरिकी नेवी सील द्वारा मारे गए छापे में मारा गया था।
‘डेज विद दी इमाम’ शीषर्क वाले वीडियो को कट्टरपंथी इस्लामिक वेबसाइट पर डाला गया है जिसमें अल जवाहिरी ने यह भी खुलासा किया है कि लादेन मुस्लिम ब्रदरहुड का सदस्य रहा था।
मुस्लिम ब्रदरहुड अरब जगत का सर्वाधिक प्रभावशाली और व्यापक इस्लामिक मूवमेंट होने के साथ ही कई अरब देशों में एक बड़ा राजनीतिक विपक्षी संगठन है ।
जवाहिरी ने कहा ‘ जो लोग जानते नहीं हैं , उन्हें बताना चाहता हूं कि सउदी अरब में पैदा हुआ लादेन अपनी युवावस्था के दौरान एक हादसे में अपनी बायीं आंख गंवा बैठा था।
उसने यह भी दावा किया कि अफगानिस्तान में सोवियत संघ के खिलाफ जिहाद छेड़ने पर जोर देने के कारण आतंकवादी सरगना को मुस्लिम ब्रदरहुड की सउदी शाखा से निष्कासित कर दिया गया था । डेली मेल में यह खबर प्रकाशित हुई है।
ऐसा दावा किया जाता है कि लादेन अफगानिस्तान की सीमा के समीप लगते पाकिस्तान के पेशावर शहर में तालिबान को नकदी देने के लिए गया था लेकिन उस समय उसने सशस्त्र संघर्ष में शामिल होने के ब्रदरहुड के आदेशों का उल्लंघन किया था।
जवाहिरी का जिहादी फोरम की वेबसाइट पर पोस्ट किया गया वीडियो करीब दो माह पुराना नजर आता है क्योंकि इसमें उन्होंने मुस्लिमों को रमजान के पवित्र माह की शुरूआत की बधाई दी है । इस महीने के शुरूआत में जवाहिरी के भाई मोहम्मद ने सीएनएन को दिए साक्षात्कार में अपनी निजी ‘शांति योजना’ का जिक्र करते हुए कहा था कि वह इस्लामिक जगत और पश्चिम के बीच सुलह समझौते की अगुवाई कर सकते हैं ।
9/11 हमलों की बरसी की पूर्व संध्या पर मोहम्मद अल जवाहिरी ने कहा था कि वह और उनके भाई वैचारिक रूप से एक हैं ।
उसने कहा था, ‘ हमारे लोग मौत पसंद करते हैं जिस तरह दूसरे लोग जिंदगी पसंद करते हैं । लेकिन हम हिंसा के इस कभी न खत्म होने वाले चक्र में नहीं फंसना चाहते । हम चाहते हैं कि हम और दूसरे लोग शांति से जीएं।’ बाद में उसने कहा, ‘‘ मेरे भाई की और मेरी विचारधारा ऐसी चित्रित की गयी है कि जैसे हम खून के प्यासे, बर्बर या आतंकवादी हैं जो कि कतई सच नहीं है ।’’ बिन लादेन दो मई 2011 को अमेरिकी कमांडो की कार्रवाई में पाकिस्तान के ऐबटाबाद में मारा गया था। (एजेंसी)