चॉपर डील: इतालवी कंपनी का पूर्व प्रमुख जेल से बाहर

भारत को वीवीआईपी हेलीकाप्टर की आपूर्ति करने वाली इतालवी कंपनी फिनमेकैनिका के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी गुइसेप्पी ओरसी को शनिवार को जेल से छोड़ दिया गया। उसे 3,600 करोड़ रुपए के सौदे में घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और जून में उसके खिलाफ ‘त्वरित आदालती कार्यवाही’ होने वाली है।

रोम : भारत को वीवीआईपी हेलीकाप्टर की आपूर्ति करने वाली इतालवी कंपनी फिनमेकैनिका के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी गुइसेप्पी ओरसी को शनिवार को जेल से छोड़ दिया गया। उसे 3,600 करोड़ रुपए के सौदे में घोटाले के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और जून में उसके खिलाफ ‘त्वरित आदालती कार्यवाही’ होने वाली है।
इतालवी मीडिया ने ओरसी की रिहाई की खबर दी है। वह 80 दिन तक जेल में रहा। उसकी न्यायिक हिरासत की अवधि समाप्त हो गयी थी।
उत्तरी इटली के बुस्तो आर्सीजिया कस्बे के एक जज ने अभी कल ही ओरसी के खिलाफ ‘तत्काल मुकदमा’ चालू करने का अभियोजन पक्ष का आवेदन मान लिया था जिसमें प्राथमिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ती। ओरसी और फिनमेकैनिका की हेलीकाप्टर इकाई आगस्ता वेस्टलैंड के मुख्य कार्यपालक ब्रूनो स्पागनोली के खिलाफ मुकदमा 19 जून को शुरू होगा।
आरोप है कि इन व्यक्तियों ने भारत से 12 हेलीकाप्टर के आर्डर हासिल करने के लिए अधिकारियों को रिश्वत दी। ओरसी ने गिरफ्तारी के कुछ दिन बाद इस्तीफा दे दिया था। इस मामले में 362 करोड़ रपए की दलाली के आरोप की जांच के भारत में रक्षा मंत्रालय ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं।
भारत ने हेलीकाप्टर खरीद का यह करार फरवरी 2010 में किया था। इसके तहत आगस्ता वेस्टलंड कंपनी से तीन इंजन वाले 12 एडब्यल्यू 101 हेलीकाप्टर खरीदे जाने थे। इनका इस्तेमाल अतिविशिष्ट लोगों के आने जाने के लिए किया जाना था। (एजेंसी)