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डरबन वार्ता में गतिरोध बरकरार

संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन पर वार्ता में शनिवार को भी गतिरोध जारी रहा, जबकि 194 देशों के बीच चल रही चर्चा एक दिन और बढ़ा दी गई है।

डरबन : संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन पर वार्ता में शनिवार को भी गतिरोध जारी रहा, जबकि 194 देशों के बीच चल रही चर्चा एक दिन और बढ़ा दी गई है। इस बीच दुनिया का तापमान बढ़ने से निपटने के लिए कार्बन उत्सर्जन में कटौती पर भारत, चीन और अमेरिका को कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौते पर सहमत करने समेत जटिल मुद्दों को लेकर खींचतान जारी रहे।

 

12 दिनों तक चलने वाले संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा करार सम्मेलन में अनियत 13वें दिन समझौते के आसार धूमिल पड़ गए। भारत, अमेरिका और चीन पर यूरोपीय संघ द्वारा प्रस्तावित कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौते को स्वीकार करने का दबाव है जिस पर वर्ष 2015 तक हस्ताक्षर होगा और वर्ष 2020 से यह लागू होगा।

 

भारत की पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन समेत प्रमुख देशों के मंत्री सम्मेलन स्थल पर एक छोटे से कमरे में अपने एक सहयोगी के साथ एकत्र हुए। भारतीय सलाहकारों को बार-बार कमरे के अंदर और बाहर जाते देखा गया और उनके चेहरे पर तनाव साफ नजर आ रहा था।

 

इससे पहले भारत ने आज समानता को जलवायु परिवर्तन वार्ता का मुख्य बिंदु बताते हुए जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं करने के लिए विकसित देशों की आलोचना की। इसके साथ ही भारत ने अपनी 1.2 अरब जनसंख्या के विकास और गरीबी उन्मूलन के लिए सहयोग करने की ‘भावनात्मक’ अपील की।

 

नटराजन ने कहा, भारत के पास 600 द्वीप हैं जो डूब सकते हैं। हमारे यहां निचले हिस्से में लाखों लोग निवास करते हैं। जलवायु परिवर्तन से सबसे पहले हम लोग प्रभावित होंगे। डरबन में चल रही जलवायु वार्ता कल ही समाप्त होने वाली थी, लेकिन इसे एक दिन के लिए बढ़ा दिया गया है। प्रतिनिधि देर रात तक समझौते पर बातचीत करते रहे। (एजेंसी)