बेनगाजी पर रॉकेट हमला, अमेरिकी राजदूत की मौत

पूर्वी लीबिया के बेनगाजी शहर में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर तोपों और राकेटों से हमला बोल दिया जिसमें लीबिया में अमेरिका के राजदूत क्रिस्टोफर स्टीवंस की मौत हो गयी।

काहिरा/वाशिंगटन : एक फिल्म में इस्लाम धर्म के कथित अपमान के विरोध में पूर्वी लीबिया के बेनगाजी शहर में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर तोपों और राकेटों से हमला बोल दिया जिसमें लीबिया में अमेरिका के राजदूत क्रिस्टोफर स्टीवंस तथा तीन अन्य दूतावास कर्मियों की मौत हो गयी।
लीबिया और अमेरिका के अधिकारियों ने बताया कि स्टीवंस और वाणिज्य दूतावास के तीन कर्मचारी मारे गए हैं। मंगलवार रात जब हमला किया गया तो स्टीवंस उस समय कुछ देर के लिए वाणिज्य दूतावास गए हुए थे। वाणिज्य दूतावास पर हमले से कुछ घंटे पहले प्रदर्शनकारियों ने काहिरा में अमेरिकी दूतावास पर हमला किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका झंडा फाड़ दिया। दूतावास परिसर की सीढ़ियों से काले रंग का ध्वज मिला है जिस पर सफेद अक्षरों में लिखा है, ‘अल्लाह के सिवा कोई और दूसरा खुदा नहीं है और मोहम्मद उनके पैगम्बर हैं।’
मीडिया खबरों में मिस्र में ऐसे कई और प्रदर्शन होने के बारे में आगाह किया गया है क्योंकि सत्तारुढ़ मुस्लिम ब्रदरहुड ने पैगंबर मोहम्मद का उपहास करने वाली इस फिल्म के खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन का आह्वान किया है। हमले को ‘घृणित’ करार देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दुनिया भर में अमेरिकी राजनयिक पदों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक बयान में ओबामा ने कहा, ‘मैं बेनगाजी में हमारे राजनयिक सुविधा पर हुए घृणित हमले की कड़ाई से भर्त्सना करता हूं जिसमें राजदूत क्रिस स्टीवंस सहित चार अमेरिकियों की मौत हुई है।’ इस बयान के जरिये लीबिया में अमेरिकी राजदूत की मौत की पहली बार आधिकारिक रूप से पुष्टि की गई है।
ओबामा ने कहा, ‘मैंने अपने प्रशासन को निर्देश दिया है कि लीबिया में हमारे कर्मियों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी संसाधन मुहैया कराए जाएं और दुनिया भर में हमारे राजनयिक पदों की सुरक्षा बढ़ा दी जाए।’ स्टीवंस राजनयिक सेवा से थे जो अरबी और फ्रांसीसी भाषा बोल लेते थे। उन्होंने दो बार लीबिया में काम किया था। वह मुअम्मर गद्दाफी के खिलाफ हुए विद्रोह के समय बेनगाजी कार्यालय को चला रहे थे। लीबिया के अधिकारियों ने बताया कि स्टीवंस उस समय मारे गए जब वह क्रुद्ध भीड़ द्वारा अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के घेरे गये कर्मचारियों को निकालने के लिए वहां गये थे।
अमेरिकी अधिकारियों ने राजदूत के मारे जाने का कारण नहीं बताया है। लेकिन अल जजीरा समाचार चैनल ने लीबिया के गृह मंत्रालय के हवाले से बताया है कि स्टीवंस की दो अमेरिकी सुरक्षाकर्मियों के साथ दम घुटने से मौत हो गई। खबर के अनुसार वाणिज्य दूतावास का एक अन्य कर्मचारी भी मारा गया जिसकी राष्ट्रीयता की अभी पुष्टि नहीं हो पायी है। हथियारबंद लोगों ने लीबिया के दूसरे बड़े शहर बेनगाजी में कल अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर न सिर्फ हमला किया बल्कि सुरक्षा बलों से उनकी झड़प भी हुई। हमलावरों ने वाणिज्य दूतावास को आग लगा दी।
इससे पूर्व अमेरिका की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने आज एक बयान में अमेरिकी राजनयिक के मौत की पुष्टि की है । अभी तक राजनयिक की पहचान नहीं हुई है।
हिलेरी ने बेनगाजी में अपने देश के वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘हम अपने लोगों और सामान को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के मरने की पुष्टि हम करते हैं। हम इस घटना से बहुत दुखी हैं। हम और हमारी संवेदनाएं इस हमले के पीड़ितों के परिवार के साथ हैं।’ विदेश मंत्री ने लीबिया के राष्ट्रपति से वहां रह रहे अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सहयोग करने को कहा है। विवादास्पद फिल्म को इस्राइली अमेरिकी सैम बेसाइल ने बताया है। बहरहाल, मिस्र के मीडिया में आयी खबर के अनुसार इसे मिस्र काप्ट ने बनाया है जो अमेरिका में रह रहे हैं। (एजेंसी)