मिस्र में आपातकाल लागू, कार्रवाई में 149 लोगों की मौत

मिस्र में बुधवार को सुरक्षा बलों ने अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के समर्थन में पिछले कई दिन से प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने के लिए बुल्डोजरों और बख्तरबंद वाहनों के साथ उनके दो विशाल प्रदर्शन शिविरों पर धावा बोल दिया। इस दौरान हुए भीषण रक्तपात में करीब 149 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर दिया।

काहिरा : मिस्र में बुधवार को सुरक्षा बलों ने अपदस्थ राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी के समर्थन में पिछले कई दिन से प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने के लिए बुल्डोजरों और बख्तरबंद वाहनों के साथ उनके दो विशाल प्रदर्शन शिविरों पर धावा बोल दिया। इस दौरान हुए भीषण रक्तपात में करीब 149 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर दिया।
सरकारी टेलीविजन पर पढ़े गए राष्ट्रपति कार्यालय के एक बयान में कहा गया कि स्थानीय समयानुसार शाम चार बजे से (भारतीय समयानुसार शाम साढ़े सात बजे) पूरे देश में आपातकाल लागू किया जाता है। आपातकाल एक महीने तक लागू रहेगा। इसके तहत सेना को सुरक्षा से संबंधित सभी आवश्यक कदम उठाने के अधिकार मिल गए हैं।
गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी कहा है कि काहिरा के पूर्व में स्थित रबा अल अदाविया मस्जिद तथा नहदा चौक पर मौजूद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सुरक्षा बल ‘जरूरी कदम’ उठा रहे हैं। सुरक्षा बलों की कार्रवाई में आज मारे गए लोगों की संख्या को लेकर अलग अलग खबरें आ रही हैं।
अल जजीरा ने स्वास्थ्य मंत्रालय के हवाले से बताया कि देश में संघर्ष की घटनाओं में कम से कम 149 लोग मारे गए हैं। सुरक्षाबलों ने कहा कि 95 लोग मारे गए हैं और 758 अन्य घायल हुए हैं। दूसरी तरफ मुर्सी के संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड ने दावा किया है कि 2,200 लोग मारे गए हैं और करीब 10,000 लोग घायल हुए हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। टेलीविजन फुटेज में नहदा चौक पर चारों ओर धुआं उठता दिखाई दिया। चौक को बाद में पूरी तरह खाली करा लिया गया। कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों के शिविरों पर बुल्डोजर भी चलाया गया है।
प्रदर्शनकारियों की मांग है कि 62 वर्षीय मुर्सी को फिर से उनके पद पर बहाल किया जाए। उन्हें तीन जुलाई को सेना ने अपदस्थ कर दिया था। मिस्र की कैबिनेट के एक सलाहकार ने संवाददाता सम्मेलन में प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा आत्मसंयम बरतने और आला दर्जे का पेशेवर रवैया दिखाने को लेकर सुरक्षा बलों का धन्यवाद व्यक्त किया तथा मुस्लिम ब्रदरहुड पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रबा अल अदाविया में आंसू गैस के गोले छोड़े जाने से वहां बैठे हजारों प्रदर्शनकारियों के बीच भगदड़ मच गई। आज की घटना में दो पत्रकार भी मारे गए हैं। (एजेंसी)