'हक्कानी नेटवर्क को नेस्तनाबूद करे पाक'

काबुल में किए गए विनाशकारी हमलों के लिए अफगानिस्तान द्वारा पाकिस्तान से संचालित उग्रवादी संगठन को जिम्मेदार ठहराए जाने के बीच अमेरिका ने कहा है कि वह अल कायदा से जुड़े हक्कानी नेटवर्क को ‘‘नेस्तनाबूद’’ करने के लिए पाक पर दबाव बनाना जारी रखेगा।

वाशिंगटन/इस्लामाबाद : काबुल में किए गए विनाशकारी हमलों के लिए अफगानिस्तान द्वारा पाकिस्तान से संचालित उग्रवादी संगठन को जिम्मेदार ठहराए जाने के बीच अमेरिका ने कहा है कि वह अल कायदा से जुड़े हक्कानी नेटवर्क को ‘‘नेस्तनाबूद’’ करने के लिए पाक पर दबाव बनाना जारी रखेगा।

 

अफगानिस्तान की राजधानी में सप्ताहांत में हुए हमलों में ‘‘हक्कानी नेटवर्क की संलिप्तता के संकेत होने  की घोषणा करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि उन्होंने पिछले साल अक्तूबर में इस्लामाबाद की अपनी यात्रा के दौरान पाकिस्तान पर हक्कानी नेटवर्क को नेस्तनाबूद’’ करने का दबाव बनाया था।

 

फॉक्स न्यूज ने ब्राजील की राजधानी ब्राजिलिया में संवाददाताओं के साथ हिलेरी की बातचीत का हवाला देते हुए कहा,  मैं इस बात को रेखांकित करती रहूंगी और इस पर दबाव बनाती रहूंगी। उन्होंने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन को मजबूत दुश्मन करार दिया।

 

अफगानिस्तान के गृह मंत्री बिस्मिल्लाह खान ने काबुल में संवाददाताओं से कहा था कि काबुल में ताजा हमलों के दौरान गिरफ्तार किए गए एक आतंकवादी ने प्रशासन को बताया था कि अल कायदा से जुड़े हक्कानी नेटवर्क का इन हमलों के पीछे हाथ है।

 

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने अपनी पाक समकक्ष हिना रब्बानी खार से अपील की है कि वह अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता के लिए करीबी सहयोग करें। उनके साथ काबुल में हाल में हुए हमलों पर भी चर्चा हुई है।

 

हिलेरी और खार के बीच टेलीफोन पर वार्ता ऐसे समय में हुई है जब कल पाकिस्तान के शीर्ष प्रशासनिक और सैन्य अधिकारी अफगानिस्तान में नाटो सैनिकों के आपूर्ति मार्ग को पुन: खोलने के मुद्दे पर अंतिम फैसला करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे ।

 

प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी कैबिनेट की रक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करेंगे जिसमें महत्वपूर्ण मंत्रियों के अलावा ज्वाइंट चीफ आफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल शमीम वाईन , सेना प्रमुख अशफाक परवेज कियानी तथा वायुसेना और नौसेना के प्रमुख भी भाग लेंगे। पाक संसद द्वारा अमेरिका के साथ संबंधों में आए तनाव को दूर करने संबंधी एक प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किए जाने के कई दिन बाद यह बैठक बुलायी गयी है।

 

पाक संसद ने नाटो सैनिकों को हथियार मुहैया कराने के लिए आपूर्ति मार्ग का इस्तेमाल किए जाने का विरोध किया था और पाकिस्तान की धरती पर अमेरिकी ड्रोन हमलों को तुरंत बंद किए जाने की मांग की थी।
पाक मीडिया रिपोटरे में कहा गया हे कि बैठक में औपचारिक रूप से नाटो आपूर्ति मार्ग फिर से खोले जाने की घोषणा की जाएगी।   (एजेंसी)