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अनशन पर आर-पार के मूड में टीम अण्णा

टीम अण्णा को आखिरकार दिल्ली पुलिस ने अनशन की अनुमति नहीं दी. दिल्ली पुलिस का कहना है कि टीम अण्णा को आंदोलन करना है तो उन्हें सभी 22 शर्तें माननी होगी.

ज़ी न्यूज़ ब्यूरो

नई दिल्ली : टीम अण्णा को आखिरकार दिल्ली पुलिस ने अनशन की अनुमति नहीं दी. दिल्ली पुलिस का कहना है कि टीम अण्णा को आंदोलन करना है तो उन्हें सभी 22 शर्तें माननी होगी. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जेपी पार्क में धारा 144 लगा दी गई है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि टीम अण्णा ने यदि ज़बरदस्ती की तो अण्णा की गिरफ्तारी भी हो सकती है.

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने यह सख्त कदम गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद ही उठाया है. माना जा रहा है कि सोमवार सुबह कांग्रेस मुख्यालय में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी के बीच एक घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में अण्णा को अनशन से रोकने के अंतिम निर्णय पर मुहर लगी है.

अन्‍ना के सहयोगी मनीष सिसौदिया ने कहा कि भ्रष्‍ट नेता और अफसर पुलिस को ढाल बना रहे हैं. अन्‍ना का अनशन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम पर होकर रहेगा। यदि अनशन स्‍थल पर धारा 144 लागू किया जाता है तो हम इसे तोड़कर अनशन करेंगे और इसके लिए गिरफ्तारी देने को भी तैयार हैं. टीम अन्‍ना के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने दिल्‍ली पुलिस की शर्तों को पूरी तरह गैर लोकतांत्रिक और असंवैधानिक करार दिया है. उन्‍होंने पत्रकारों से कहा, ‘जब कोई राजनीतिक दल लाख डेढ़ लाख लोगों की रैली करता है तो उसे इजाजत नहीं लेनी पड़ती तो हमारे अनशन पर इतनी शर्तें क्‍यों लादी जा रही हैं.’ उन्‍होंने कहा कि अनशन निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक शुरू होगा और यदि इसे कुचलने की कोशिश की गई तो हमारे सामने अदालत का दरवाजा खटखटाने सहित सभी विकल्‍प खुले हैं. हम गिरफ्तारी भी देने के लिए तैयार हैं.'

केजरीवाल ने कहा, ‘पुलिस ने अनशन स्‍थल पर टेंट लगाने या लाउडस्‍पीकर बजाने की पाबंदी लगाई है, यदि अन्‍ना को संबोधित करना होगा तो कैसे करेंगे. बारिश होगी तो वहां मौजूद लोग किस तरह खुद को बचाएंगे. जेपी पार्क में कई गाड़ियों के पार्किंग की व्‍यवस्‍था है तो क्‍यों केवल 40-50 गाड़ियों की इजाजत दी गई है।’ उन्‍होंने कहा, ‘यह सरकार की तानाशाही है और देश में आपातकाल जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही है।’ 

इससे पहले अण्णा के आंदोलन को मिलते जन समर्थन से बौखलाई सरकार और कांग्रेस ने रविवार को सामान्य शिष्टाचार व भाषाई मर्यादा को दरकिनार कर दिया. कांग्रेस ने दो टूक कहा, अन्ना तुम भी भ्रष्ट हो. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने टीम अन्ना के अरविंद केजरीवाल व किरन बेदी के संगठनों को मिले धन पर उनसे जवाब मांगा है. वहीं सरकार के दो दिग्गज मंत्रियों ने अन्ना के पूरे आंदोलन को ही असंवैधानिक कहा. कपिल सिब्बल ने तो इसे लोकतंत्र के खिलाफ बगावत तक कह डाला. कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने अन्ना के चार स्वयंसेवी संगठनों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीबी सावंत आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा, ऊपर से नीचे तक तुम (अन्ना) भ्रष्टाचार में खुद लिप्त हो. किस मुंह से शिष्टाचार और संस्कृति की बात करते हो.