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आतंकी वारदातों से जुड़े रहे हैं आरएसएस के 10 लोग : गृह सचिव

केंद्रीय गृह सचिव आर के सिंह ने मंगलवार को कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी हमलों में कथित रूप से शामिल कम से कम दस लोगों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या उसके संबद्ध संगठनों से रिश्ते रहे हैं।

नई दिल्ली : केंद्रीय गृह सचिव आर के सिंह ने मंगलवार को कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकी हमलों में कथित रूप से शामिल कम से कम दस लोगों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या उसके संबद्ध संगठनों से रिश्ते रहे हैं।
सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा,‘समझौता एक्सप्रेस, मक्का मस्जिद और दरगाह शरीफ (अजमेर) विस्फोटों की जांच के दौरान हमें कम से कम दस नामों का पता लगा जो कहीं न कहीं संघ से संबद्ध रहे हैं।’

सिंह से सवाल किया गया था कि क्या सरकार के पास गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे के इस दावे के संबंध में कोई सबूत है, जिनसे संघ के किसी ऐसे व्यक्ति के संबंध साबित हो सकें, जो देश में आतंकी हमलों में शामिल रहा हो।
सिंह ने कहा,‘हमारे पास उनके खिलाफ सबूत हैं। गवाहों के बयान हैं।’
गृह सचिव ने उन दस व्यक्तियों के नाम भी सार्वजनिक किए, जो कथित रूप से आतंकी हमलों में शामिल थे और जिनके संघ से संबंध रहे। जिन लोगों के नामों का खुलासा सिंह ने किया, उनमें से एक नाम है सुनील जोशी (मृत) का, जो कथित रूप से समझौता एक्सप्रेस और अजमेर शरीफ दरगाह विस्फोटों के षडयंत्र में शामिल था। वह देवासव और मउ में 1990 के दशक से लेकर 2003 तक संघ कार्यकर्ता था।
समझौता एक्सप्रेस और मक्का मस्जिद के अलावा अजमेर शरीफ दरगाह विस्फोटों में कथित रूप से शामिल संदीप डांगे इस समय फरार चल रहा है। वह मउ, इंदौर, उत्तरकांशी और साझापुर में नब्बे के दशक से लेकर 2006 के बीच संघ का प्रचारक था।
गृह सचिव ने लोकेश शर्मा (गिरफ्तार) का भी नाम लिया जो कथित रूप से समझौता एक्सप्रेस और मक्का मस्जिद विस्फोटों में शामिल था। वह देवगढ़ में संघ का नगर कार्यवाहक था।
गिरफ्तार हो चुका स्वामी असीमानंद समझौता एक्सप्रेस, मक्का मस्जिद और अजमेर शरीफ दरगाह विस्फोटों में कथित रूप से शामिल था। वह नब्बे के दशक से 2007 के बीच गुजरात के डांग में संघ के प्रकोष्ठ वनवासी कल्याण परिषद में था।
राजेन्द्र उर्फ समुंदर को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। वह कथित तौर पर समझौता और मक्का मस्जिद विस्फोटों में शामिल था और संघ का वर्ग विस्तारक था।
मुकेश वसानी गोधरा में संघ का कार्यकर्ता था और अजमेर शरीफ विस्फोट में कथित रूप से शामिल था। उसे भी गिरफ्तार किया जा चुका है। देवेन्द्र गुप्ता मउ और इंदौर में संघ प्रचारक था और वह मक्का मस्जिद विस्फोट में कथित रूप से शामिल था। गुप्ता भी गिरफ्तार हो चुका है।
गिरफ्तार हो चुका चंद्रशेखर लेवे शाजहानपुर में 2007 में संघ प्रचारक था और कथित रूप से मक्का मस्जिद विस्फोट में शामिल था।
कमल चौहान समझौता और मक्का मस्जिद विस्फोटों में कथित रूप से शामिल था। वह संघ का प्रचारक रहा है। चौहान भी गिरफ्तार हो चुका है।
रामजी कलसांगरा समझौता एक्सप्रेस और मक्का मस्जिद विस्फोटों में कथित रूप से शामिल था और वह संघ से संबद्ध रहा। कलसांगरा फरार चल रहा है। (एजेंसी)