आसाराम बापू का यौन शोषण से इनकार, पुलिस का सबूत होने का दावा

यौन शोषण मामले में आध्‍यात्मिक गुरु आसाराम बापू की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जोधपुर आश्रम में 16 वर्षीय लड़की के यौन शोषण मामले में आसाराम बापू इस समय जांच के घेरे में हैं। उन्‍होंने इस मामले में अपनी संलिप्‍तता से इनकार किया है।

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो
जोधपुर : यौन शोषण मामले में आध्‍यात्मिक गुरु आसाराम बापू की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। जोधपुर आश्रम में 16 वर्षीय लड़की के यौन शोषण मामले में आसाराम बापू इस समय जांच के घेरे में हैं। उन्‍होंने इस मामले में अपनी संलिप्‍तता से इनकार किया है। उधर, आरोपों की जांच कर रही पुलिस का कहना है कि स्वयंभू धार्मिक गुरु के खिलाफ बलात्कार का आरोप लगाने वाली लड़की का बयान प्रथम दृष्ट्या सही जान पड़ता है और इस मामले में सबूत होने का दावा किया है।
गौर हो कि एक नाबालिग लड़की द्वारा लगाए गए रेप के आरोपों पर आसाराम बापू ने बीते दिन सफाई दी और कहा कि मेरे खिलाफ लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप गलत है। उन्होंने कहा है कि जिस रात यह वारदात हुई उस रात वह आश्रम में थे ही नहीं। बापू ने दावा किया है कि आरोपी ने जिस तारीख की बात की है उस तारीख पर वो जोधपुर आश्रम में नहीं थे। साथ में यह भी दावा किया कि सच सबके सामने आएगा।
एक रिपोर्ट के अनुसार, आसाराम बापू के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों की जांच कर रही जोधपुर पुलिस इस केस में सबूतों की पड़ताल के बाद पीडि़त लड़की के बयान को सही मान रही है। वहीं, पुलिस के अनुसार लड़की के बयान की हकीकत जानने के लिए मनई गांव में आसाराम के आश्रम में उस स्थान का मुआइना किया गया, जहां लड़की के अनुसार कथित अपराध को अंजाम दिया गया था और प्रथम दृष्टया वहां के हालात लड़की के बयान से मेल खाते हैं।
पुलिस अब आसाराम से उसके अहमदाबाद स्थित आश्रम में पूछताछ करने की योजना बना रही है। पुलिस आयुक्त बीजू जार्ज जोसेफ ने भी आज अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ मनई आश्रम का दौरा किया। उनका कहना है कि जल्द ही हमारी टीम आसाराम से पूछताछ करने जाएगी।
उन्होंने कहा कि लड़की ने अपने बयान में जो तथ्य बताए हैं, हम उनकी जांच की प्रक्रिया में हैं। प्रथम दृष्टया उसके बयान और अपराध के स्थान के भौतिक निरीक्षण से समानता की पुष्टि हुई। उन्होंने कहा कि मनई गांव में जिस जमीन पर आश्रम बना है, उसके मालिक ने भी उस स्थान पर लड़की और उसके माता पिता की मौजूदगी की पुष्टि की, जिसके बारे में इन लोगों ने अपने बयान में कहा था। मजे की बात यह है कि जमीन का मालिक रणजीत देवड़ा भी आसाराम का अनुयायी है। और उसका यह बयान कि आसाराम 12 से 16 अगस्त के बीच आश्रम में मौजूद था, आसाराम के प्रवक्ता द्वारा अहमदाबाद के मुख्य आश्रम में दिए गए बयान से मेल नहीं खाता, जिसमें प्रवक्ता ने कहा था कि आसाराम 15 अगस्त को मनई में मौजूद नहीं थे।