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चीन ने फिर दिखाई हेकड़ी, डीबीओ में खड़ा किया एक और टेंट

लद्दाख में दो सप्ताह पहले भारतीय सीमा में घुसपैठ के बाद वापसी का कोई संकेत नहीं देते हुए चीनी सैनिकों ने दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) सेक्टर में अपना एक अतिरिक्त टेंट खड़ा कर लिया और इसके साथ ही क्षेत्र में ऐसे ढांचों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।

लेह/नई दिल्ली : चीनी सैनिकों ने लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) सेक्टर में एक और टेंट खड़ा कर लिया है तथा इसके साथ ही घुसपैठ वाले स्थान पर ऐसे ढांचों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। इसके साथ ही भारत और चीन के बीच जारी गतिरोध के दो सप्ताह पूरे हो गए हैं।
चीन भारतीय क्षेत्र से अपने सैनिकों को हटाने के कोई संकेत नहीं दे रहा है। सूत्रों ने कहा कि घुसपैठ पर गतिरोध समाप्त करने के प्रयासों के कोई परिणाम सामने नहीं आ रहे हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि चीन इस जिद पर अड़ा हुआ है कि भारत उन कुछ बंकरों को ध्वस्त करे जिसका निर्माण उसने सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मोर्चे पर किया है।
सूत्रों ने कहा कि ऐसा समझा जाता है कि चीन ने डीबीओ में भारतीय क्षेत्र के 19 किलोमीटर भीतर स्थित स्थान से अपने सैनिकों को पीछे हटाने के लिए यह शर्त भारतीय पक्ष के समक्ष रखी है। डीबीओ में उस स्थान पर चीन के सैनिक गत दो सप्ताह से डेरा जमाये बैठे हैं।
सूत्रों ने बताया कि सरकार इस मुद्दे पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन के नेतृत्व वाले चाइना स्टडी ग्रुप और रक्षा, गृह और विदेश मंत्रालय सहित प्रमुख मंत्रालयों के सचिवों की बैठकों पर नजर रखे हुए है।
सूत्रों ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच गत एक सप्ताह से कोई फ्लैग मीटिंग नहीं हुई है जिसका एक कारण यह भी है कि चीनी पक्ष अपनी मांग को लेकर अड़ा हुआ है।
सूत्रों ने बताया कि भारत ने सामरिक दृष्टि से लाभप्रद जिस स्थान पर बंकर बनाये हैं वह लद्दाख क्षेत्र में दो पर्वतों के बीच स्थित है जहां से भारतीय सैनिक बिना दिखे उस क्षेत्र में चीनी सैनिकों की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं।
सूत्रों ने बताया कि चीनी सैनिकों की नजर में भारतीय ठिकाना वहां पर वाहनों और सैनिकों की आवाजाही के चलते आया। चीनी सैनिकों ने 15 अप्रैल को भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की ताकि वे अपनी मांगों के लिए दबाव डाल सकें।
सूत्रों ने बताया कि लाभप्रद स्थान वहां स्थित है जिसे दोनों पक्ष अपना क्षेत्र होने का दावा करते हैं। सूत्रों ने यह भी कहा कि चीनी सैनिकों को उनकी सीमा की ओर से ट्रकों और हल्के वाहनों से लगातार रसद आपूर्ति मिल रही है।
घुसपैठ वाले स्थान पर प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार चीनी सैनिकों द्वारा अतिरिक्त टेंट का निर्माण भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच चाशूल में तीन असफल फ्लैग मीटिंग के बाद हुआ है।
घुसपैठ को लेकर सरकार के विपक्ष के निशाने पर आने के बीच कांग्रेस ने कहा कि उसे लद्दाख में स्थिति की पूरी जानकारी है।
कांग्रेस प्रवक्ता संदीप दीक्षित ने कहा, ‘जैसा और जब जरूरत होगी उचित कदम उठाया जाएगा।’ उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसी स्थितियों में युद्ध एक विकल्प नहीं है।
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने मास्को में कहा कि यह लाभ अर्जित करने का नहीं बल्कि एक स्वर में बोलने का समय है। (एजेंसी)