चॉपर घोटाला: इतालवी कंपनी को प्रतिबंधित करने की चेतावनी

अतिविशिष्ट हेलीकॉप्टरों की खरीद में रिश्वतखोरी के आरोपों के बीच सरकार ने गुरुवार को इतालवी कंपनी फिनमेकानिका से औपचारिक रूप से कहा है कि वह बताए कि किसी भारतीय इकाई अथवा व्यक्ति को अवैध भुगतान किया गया था या नहीं। कंपनी को प्रतिबंधित करने सहित कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

नई दिल्ली : अतिविशिष्ट हेलीकॉप्टरों की खरीद में रिश्वतखोरी के आरोपों के बीच सरकार ने गुरुवार को इतालवी कंपनी फिनमेकानिका से औपचारिक रूप से कहा है कि वह बताए कि किसी भारतीय इकाई अथवा व्यक्ति को अवैध भुगतान किया गया था या नहीं। कंपनी को प्रतिबंधित करने सहित कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
इस मामले को लेकर विपक्ष के निशाने पर आए रक्षा मंत्रालय ने समझौते से जुड़े तथ्यों और पूरे विवरण को पेश किया है। यह मामला 12 हेलीकॉप्टरों की खरीद से जुड़े समझौत का है। साल 2010 में 3600 करोड़ रुपये का यह करार फिनमेकानिका की इकाई अगस्ता वेस्टलैंड के साथ किया गया था।
मंत्रालय ने कहा कि वाजपेयी सरकार के समय साल 2003 में ही हेलीकॉप्टरों की आवश्यक तकनीकी जरूरतों को बदला गया था और इसमें तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ब्रजेश मिश्र ने प्रमुख भूमिका निभाई थी।
मंत्रालय ने बताया,‘अगस्ता वेस्टलैंड के सीईओ से पूछा गया है कि मौजूदा घटनाक्रमों के मद्देनजर अपनी बात स्पष्ट रूप से रखें कि किसी भारतीय व्यक्ति अथवा इकाई के साथ कोई वित्तीय लेनदेन हुआ था या नहीं जो समझौते या अनुबंधों की शर्तों का उल्लंघन होगा।’ (एजेंसी)