चॉपर डील: CBI की शुरुआती जांच में पूर्व वायु सेना प्रमुख का नाम शामिल

इटली से दस्तावेज जुटाकर लौटे केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 3600 करोड़ रुपए के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में रिश्वतखोरी के आरोपों की शुरुआती जांच में सोमवार को पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी का नाम शामिल किया।

नई दिल्ली: इटली से दस्तावेज जुटाकर लौटे केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 3600 करोड़ रुपए के वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदे में रिश्वतखोरी के आरोपों की शुरुआती जांच में सोमवार को पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी का नाम शामिल किया। इस प्रकार, त्यागी किसी सेना के ऐसे दूसरे पूर्व प्रमुख हो गये जिनका नाम किसी घोटाले की जांच से शामिल किया गया हो।
सीबीआई सूत्रों ने यहां कहा कि इस जांच में पूर्व वायुसेना प्रमुख के अलावा उनके तीन रिश्तेदार जूली, डोकसा और संदीप त्यागी सहित 10 अन्य लोगों तथा चार कंपनियों के नामों को शामिल किया गया है।
सीबीआई ने इन आरोपों की जांच के लिए शुरुआती जांच रिपोर्ट दर्ज की है कि कुछ बिचौलियों ने 12 वीवीआईपी हेलीकाप्टरों की आपूर्ति के लिए इतालवी कंपनी (अगस्तावेस्टलैंड) के पक्ष में सौदे को प्रभावित किया।
सीबीआई ने एक बयान में कहा कि जांच एजेंसी ने ब्रिटेन की एक कंपनी से 12 एडब्ल्यू 101 वीवीआईपी, वीआईपी हेलीकाप्टरों की खरीद के मामले में आज तत्कालीन वायुसेना प्रमुख, पांच अन्य व्यक्तियों, इटली की कंपनी, उसके सीईओ, ब्रिटेन की कंपनी, उसके सीईओ, तीन बिचौलियों और दो भारतीय निजी फर्मों के खिलाफ शुरूआती जांच रिपोर्ट दर्ज की।
जांच में कहा गया कि पता चला है कि मूल कंपनी फिनमेकानिका ने बिचौलियों को करीब 50 करोड़ रुपए दिये गये जिसमें से बड़ी रकम ट्यूनीशिया और मारीशस के रास्ते सात भारतीयों के पास पहुंची। इसमें कहा गया कि यह धन दो भारतीय कंपनियों आईडीएस इंफोटेक और ऐरोमेट्रिक्स से इंजीनियरिंग अनुबंधों के नाम पर भेजी गया।
यह दूसरा मौका है जब किसी सेना के पूर्व प्रमुख का नाम सीबीआई की जांच में शामिल किया गया है। इससे पहले वर्ष 2000 में बराक मिसाइलों की खरीद में कथित रिश्वतखोरी की जांच में पूर्व एडमिरल सुशील कुमार का नाम शामिल किया गया था। इस मामले की जांच अब भी जारी है।
सूत्रों ने कहा कि जांच में संदिग्ध यूरोपीय बिचौलिये कालरे गारोसा, क्रिस्टियन मिशेल और गुइदो हाशके, एरोमेट्रिक से जुड़े रहे अधिवक्ता गौतम खेतान, इस कंपनी के सीईओ प्रवीण बख्शी, फिनमेकानिका के पूर्व प्रमुख जी ओरसी, अगस्तावेस्टलैंड के पूर्व सीईओ ब्रूनो स्पेगनोलिनी का नाम भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में इतालवी कंपनियों फिनमेकानिका और अगस्तावेस्टलैंड, आईडीएस इंफोटेक और ऐरोमेट्रिक का नाम भी शामिल है।
सूत्रों ने कहा कि फिनमेकानिका और जन अभियोजक से कुछ दस्तावेज लेकर लौटे सीबीआई अधिकारियों के दल को हेलीकाप्टर सौदे में 362 करोड़ रुपए की कथित रिश्वतखोरी की जांच शुरू करने के लिए पर्याप्त सामग्री मिली है।
सीबीआई की शुरुआती जांच में शामिल सभी संदिग्धों ने रिश्वतखोरी के आरोपों को खारिज किया है। सूत्रों ने कहा कि इस मामले के संबंध में उन्हें पूछताछ के लिए बुलाये जाने की संभावना है। सीबीआई ने बयान में कहा कि यह आरोप है कि हेलीकाप्टरों की खरीद प्रक्रिया में कुछ बिचौलियों ने ब्रिटेन की कंपनी के पक्ष में सौदे को प्रभावित किया।
बयान के अनुसार, यह भी आरोप है कि इटली की कंपनी ने बिचौलियों को हजारों यूरो में रिश्वत दी।
बयान में कहा गया कि दो बिचौलिये भारत की निजी कंपनियों में निदेशक हैं जिनमें एक व्यक्ति कंपनी में मुख्य संचालक अधिकारी के तौर पर कार्यरत है और उसने अवैध उद्देश्यों के लिए धन पाने में कथित रूप से भूमिका निभाई।
इतावली एजेंसियों ने अगस्तावेस्टलैंड की मूल कंपनी फिनमेकानिका के पूर्व अध्यक्ष ओरसी को 15 फरवरी को अनुबंध के लिए रिश्वत देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। (एजेंसी)