चॉपर सौदा: जानकारी पाने के लिए कैमरन पर दबाव बना सकता है भारत

विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने ढाका में कहा है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के साथ चर्चा में अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से हेलिकॉप्टर करार से संबंधित मुद्दा उठ सकता है।

नई दिल्ली : अतिविशिष्ट लोगों के लिए आंग्ल-इतालवी कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से हेलीकॉप्टरों की खरीद में 362 करोड़ रुपये की रिश्वतखोरी के आरोप सामने आने के कुछ ही दिन बाद भारत के दौरे पर आ रहे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन पर मंगलवार को यहां के नेतृत्व के साथ होने वाली बैठक में इस मामले में और जानकारी देने का दबाव बनाए जाने की संभावना है।
कैमरन का दौरा ऐसे वक्त हो रहा है जब सरकार ने इतालवी कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से 12 हेलिकॉप्टर खरीदने के सौदे को रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई अगस्ता वेस्टलैंड की मुख्य कंपनी फिनमेकानिका के सीईओ ग्यूसेप ओर्सी को सौदा हासिल करने के लिए भारतीय बिचौलिए को रिश्वत देने के आरोप में मिलान में गिरफ्तार किये जाने के बाद शुरू हुई है। इन हेलिकॉटरों का निर्माण दक्षिणपश्चिमी इंगलैंड में हुआ है और भारत को इनमें से तीन की आपूर्ति हो चुकी है।
विदेश मंत्रालय के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि भारत पहले ही इस मामले में जानकारी और सहयोग के लिए ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को राजनयिक तौर पर सूचित कर चुका है। प्रवक्ता ने बताया कि ब्रिटेन से इस मामले में अंतरिम प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा, ‘अंतरिम प्रतिक्रिया से कोई कभी संतुष्ट नहीं होता। हर कोई एक पूर्ण प्रतिक्रिया चाहता है। इसलिए, मेरा आशय पूरी तरह स्पष्ट है कि हम एक पूर्ण प्रतिक्रिया चाहते हैं।’
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कल ढाका में कहा कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के साथ चर्चा में हेलिकॉप्टर करार से संबंधित मुद्दा उठ सकता है। गौरतलब है कि वेस्टलैंड ब्रिटेन की एक कंपनी है और इटली की सैन्य क्षेत्र की बड़ी कंपनी फिनमेकानिका ने इसका अधिग्रहण कर लिया है । कैमरन बड़े आधिकारिक व्यवसायिक प्रतिनिधिमंडल के साथ आ रहे हैं और वह कई द्विपक्षीय, क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे।
उनके तीन दिनों के इस दौर में रक्षा करार के अलावा 12 हजार करोड़ रुपये के वोडाफोन कर बकाया मुद्दे और ब्रिटेन की ओर से पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान के राष्ट्रपतियों की एक बैठक की मेजबानी का मुद्दा भी उठने की संभावना है। ब्रिटेन से मिली खबरों के अनुसार कैमरन इस दौरे का इस्तेमाल प्रवासियों की संख्या कम करने के अपनी सरकार के कदम से पैदा हुई किसी भी गलतफहमी को दूर करने के लिए करना चाहते हैं।
अपने दौरे से पहले कैमरन ने कहा कि वह ब्रिटेन और भारत के संबंधों को ‘21वीं सदी के सबसे महान साझेदारियों में से एक’ के तौर पर देखना चाहते हैं। कैमरन 19 फरवरी को दिल्ली आने से पहले मुंबई में एक रात बिताएंगे, जहां वह अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ एक व्यवसायिक बैठक में शामिल होंगे। (एजेंसी)