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डीएम के अग्रह पर भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने रद्द किया मुजफ्फनगर दौरा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने शनिवार को अपना मुजफ्फरनगर दौरा रद्द कर दिया है। बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी के आग्रह पर राजनाथ ने यह फैसला किया है।

ज़ी मीडिया ब्यूरो
लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने शनिवार को अपना मुजफ्फरनगर दौरा रद्द कर दिया है। बताया जा रहा है कि जिलाधिकारी के आग्रह पर राजनाथ ने यह फैसला किया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने बताया कि राजनाथ ने मुजफ्फरनगर दौरा रद्द करने का निर्णय लिया है। राजनाथ ने कहा कि उनके मुजफ्फनगर दौरे का मकसद शांति की अपील करना था लेकिन प्रशासन ने उनके दौरे पर रोक लगा दी। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। राजनाथ ने कहा, मुझे डीएम ने लिखित में कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में आपके दौरे की इजाजत नहीं दी जा सकती।
राजनाथ ने आरोप लगाया कि जब भी राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार सत्ता में आती है तो दंगे होते हैं। मुजफ्फनगर में हालात इमरजेंसी जैसे हो गए हैं। अनाम लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हैं। हमारे विधायकों के खिलाफ वांरट जारी किए गए हैं। अपने काले कारनामों पर परदा डालने के लिए राज्य सरकार यह कार्रवाई कर रही है। हमने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मिलने का समय मांगा है ताकि उन्हें इससे अवगत करा सकें। राजनाथ ने कहा कि उन्होंने क्षति के आकलन के लिए एक कमेटी का गठन किया है। इसमें जो सामने आएगा उसके बारे में राष्ट्रपति को बताएंगे। हमारे किसी भी विधायक ने दंगा भड़काने में कोई कोशिश नहीं की। उन पर आरोप गलत हैं।
गौरतलब है कि राजनाथ शनिवार को मुजफ्फरनगर जिले के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात करने वाले थे। राजनाथ के साथ सत्यपाल मलिक और भाजपा विधायक तथा विधानमंडल दल के नेता हुकुम सिंह और प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी भी हिंसाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करने वाले थे।
उल्लेखनीय है कि राजनाथ से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख मुलायम सिंह यादव भी मुजफ्फरनगर का दौरा रद्द कर चुके हैं। मुजफ्फरनगर के कवाल गांव में 27 अगस्त को दो समुदायों के तीन युवकों की हत्या के बाद से तनाव पूर्ण माहौल में जिले के विभिन्न भागों में हुई जनसभाओं तथा महापंचायतों के बाद सात सितंबर को जिले में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी, जिसमें मुजफ्फरनगर सहित आसपास के जिलों में 47 लोगों की जानें चली गयी। इन दंगों के कारण लगभग 40 हजार लोगों को अपना घर बार छोड़ कर शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। दंगों में नामित भाजपा विधायक संगीत सोम की उत्तर प्रदेश विधान भवन के सामने ही गिरफ्तार कर लिये जाने की तैयारियों की चर्चा के बीच अच्छा खासा ड्रामा हुआ था, भाजपा नेत्री उमा भारती के नेतृत्व में सोम भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ वहां से निकल गये थे।