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दिल्ली की बसों में GPS एक फरवरी से, डिस्को पर भी शिकंजा

केन्द्र ने राष्ट्रीय राजधानी में पीसीआर वैन की संख्या अपर्याप्त मानते हुए तय किया है कि इन वैन की संख्या बढायी जाएगी और डीटीसी एवं क्लस्टर बसों में जीपीएस लगाकर इसे केन्द्रीय नियंत्रण कक्ष से एक फरवरी तक जोड़ दिया जाएगा।

नई दिल्ली : केन्द्र ने राष्ट्रीय राजधानी में पीसीआर वैन की संख्या अपर्याप्त मानते हुए तय किया है कि इन वैन की संख्या बढायी जाएगी और डीटीसी एवं क्लस्टर बसों में जीपीएस लगाकर इसे केन्द्रीय नियंत्रण कक्ष से एक फरवरी तक जोड़ दिया जाएगा।
दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार और दिल्ली पुलिस के कामकाज की समीक्षा के लिए गठित केन्द्रीय गृह सचिव आर के सिंह की अध्यक्षता वाली विशेष टास्कफोर्स की पिछले सप्ताह हुई बैठक में यह तय किया गया। बैठक में विभिन्न हेल्पलाइन की स्थिति, पीसीआर वैन, डीटीसी एवं क्लस्टर बस सेवा, डिस्को में कामकाज के घंटे और थानों में महिला हेल्पडेस्क जैसे मुद्दों की समीक्षा की गयी।
हेल्पलाइन नंबर 100 की समीक्षा करते हुए गृह सचिव ने निर्देश दिया कि जब कभी भी कॉल आये, सबसे समीप की पीसीआर वैन को तत्काल पहुंचकर जांच करनी चाहिए। यह भी तय किया गया कि 100 नंबर हेल्पलाइन की लाइनों की संख्या 60 से बढ़ाकर 100 की जाए। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि एक अन्य हेल्पलाइन 1091, जिसे आम तौर पर महिलाओं की काउंसलिंग (सलाह) के लिए इस्तेमाल किया जाता है, की लाइनों की संख्या फिलहाल दो है, जिसे बढ़ाकर दस या अधिक किये जाने पर सहमति बनी है।
अधिकारी ने बताया कि यह सहमति भी बनी है कि इन हेल्पलाइन पर आने वाले फोन कॉल रिसीव करने के लिए हमेशा महिलाओं की ही तैनाती होनी चाहिए। महिलाओं के साथ अश्लीलता और उनका पीछा करने से संबद्ध हेल्पलाइन नंबर 1096 की भी समीक्षा की गयी। बैठक में सहमति बनी कि किसी भी सूरत में ये हेल्पलाइन संकट का सामना कर रहे व्यक्ति से यह नहीं कहेंगी कि वह किसी अन्य नंबर पर काल करे। यदि किसी अन्य फोरम से व्यक्ति का समन्वय करना है तो यह काम भी हेल्पलाइन ही करेगी।
बैठक में बसों और बस कर्मियों की स्थिति की समीक्षा की गयी। इस दौरान दिल्ली के मुख्य सचिव और परिवहन आयुक्त मौजूद थे। तय किया गया कि डीटीसी और क्लस्टर बसों में सीसीटीवी और वेबकैम लगाये जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि गृह सचिव की अध्यक्षता वाली बैठक में यह सहमति भी बनी कि बस के चालक दल के सदस्यों का फोटो पहचान पत्र एक मार्च तक बनकर तैयार हो जाना चाहिए और इसका सत्यापन दिल्ली पुलिस द्वारा होना चाहिए। यदि इस निर्देश का पालन नहीं होता तो दिल्ली पुलिस ऐसे वाहनों को परिचालन की इजाजत नहीं देगी।
इसके अलावा कोई भी स्कूल किसी वाहन को तब तक किराये पर नहीं ले सकेगा, जब तक उसके मालिक और चालक दल के सदस्यों का दिल्ली पुलिस सत्यापन न कर ले। टास्कफोर्स ने यह भी तय किया कि पुलिस सत्यापन कराने की प्रक्रिया एक फरवरी तक पूरी हो जानी चाहिए। इसने फैसला किया कि संवेदनशील बस रूटों की पहचान दिल्ली पुलिस करेगी। इन रूटों पर चलने वाली बसों पर सादी वर्दी में पुलिसकर्मी दिन रात तैनात रहेंगे। सभी संवेदनशील सड़कों, पैदल पारपथों की पहचान की जाएगी और रात के समय उन पर भरपूर रोशनी का इंतजाम होगा।
अधिकारी ने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से जारी होने वाले सभी परमिटों का पुनर्सत्यापन होगा। उन्होंने बताया कि सभी डिस्को और पांचसितारा होटल के डिस्को को मध्यरात्रि के बाद 12.30 बजे संगीत बंद करना होगा। इसके अलावा उन्हें एक बजे तक डिस्को पूरी तरह बंद करना होगा। टास्कफोर्स ने यह भी तय किया कि हर पुलिस थाने पर महिला हेल्पडेस्क होगी, जिस पर महिला स्टाफ तैनात होगी। (एजेंसी)

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