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दिल्ली रेप : आरोपी प्रदीप को न्यायिक हिरासत

पूर्वी दिल्ली में पांच साल की बच्ची से कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी एक युवक को शनिवार को यहां अदालत ने नौ मई तक के लिये न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इससे पहले पुलिस ने चार दिन तक उससे पूछताछ की।

नई दिल्ली : पूर्वी दिल्ली में पांच साल की बच्ची से कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी एक युवक को शनिवार को यहां अदालत ने नौ मई तक के लिये न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इससे पहले पुलिस ने चार दिन तक उससे पूछताछ की।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय गर्ग ने 19 वर्षीय प्रदीप को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इससे पहले पुलिस ने कहा था कि उससे और पूछताछ की जरूरत नहीं है।
अदालत ने आरोपी की चार दिन की हिरासत के दौरान उससे मिली जानकारी के बारे में जांच अधिकारी से पूछा और यह भी जानना चाहा कि इस दौरान उसे किन किन जगहों पर ले जाया गया।
इस पर जांच अधिकारी ने बताया कि उन्होंने प्रदीप और मुख्य आरोपी मनोज के मोबाइल फोन जब्त कर लिये गये हैं और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के लिए दोनों का आमना-सामना भी कराया गया। मनोज 30 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में है।
पुलिस ने यह भी बताया कि दोनों आरोपियों को दिल्ली के अनेक स्थानों पर ले जाया गया। उन्हें मेट्रो स्टेशनों में भी ले जाया गया जहां वे अपराध को अंजाम देने के बाद गये थे।
इस बीच पुलिस ने मुख्य गवाह अभिषेक का बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज करने के लिए आवेदन किया। अभिषेक की मौजूदगी में ही गांधीनगर की इमारत में बंद कमरे से बच्ची बरामद हुई थी।
अदालत ने आवेदन को संबंधित मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट को भेज दिया है। सीआरपीसी की धारा 164 के तहत गवाह का बयान एक मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किया जाता है और सुनवाई के दौरान साक्ष्य के तौर पर स्वीकार्य होता है।
मनोज और प्रदीप दोनों पर 15 अप्रैल को गांधीनगर की इमारत में पांच साल की बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप है। बच्ची और आरोपी इसी इमारत में रहते थे।
बच्ची से दुष्कर्म करने के बाद मनोज ने उसका गला घोंटने की कोशिश की थी। बच्ची को मरा समझकर दोनों मौके से भाग गये और छपरा जाने वाली ट्रेन में सवार हो गये थे। बाद में दोनों अलग अलग हो गये।
मनोज अपनी ससुराल चला गया वहीं प्रदीप लखीसराय में अपने मामा के घर चला गया।
बच्ची को इस घटना के 40 घंटे बाद 17 अप्रैल को बचाया गया और उसका यहां एम्स में इलाज चल रहा है। मनोज को 20 अप्रैल को बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार किया गया था।
मनोज से पूछताछ पर प्रदीप के अपराध में शामिल होने का पता चला। पुलिस ने प्रदीप को 22 अप्रैल की देर रात बिहार के लखीसराय के बढ़ैया गांव में उसके मामा के घर से गिरफ्तार किया। (एजेंसी)