पाक के साथ शांति प्रक्रिया पटरी पर लौटी: खुर्शीद

मीडिया में ‘कट्टर राष्ट्रवाद’ की बातों से प्रभावित नहीं होने की बात कहते हुए सरकार ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया ‘काफी हद तक’ रूप से पटरी पर लौट आई है। लेकिन यह स्पष्ट कर दिया कि आगे बढ़ने के लिए ‘माहौल’ सही होना चाहिए।

नई दिल्ली : मीडिया में ‘कट्टर राष्ट्रवाद’ की बातों से प्रभावित नहीं होने की बात कहते हुए सरकार ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया ‘काफी हद तक’ रूप से पटरी पर लौट आई है। लेकिन यह स्पष्ट कर दिया कि आगे बढ़ने के लिए ‘माहौल’ सही होना चाहिए।
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि यह ठीक है कि जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए लेकिन इससे भी इंकार किया कि नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा एक भारतीय सैनिक का सिर काटे जाने के बाद सरकार परेशानियों में आ गई है।
खुर्शीद ने एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में कहा,‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि मीडिया में संदर्भ के बाहर बहस होती है। लेकिन मीडिया स्वतंत्र है। अगर आप स्वतंत्र समाज में विश्वास करते हैं तो आपको अच्छे और खराब मीडिया को सहना पड़ेगा। लेकिन मीडिया के कुछ वर्गों में जिस तरीके से कट्टर राष्ट्रवाद को लेकर बहस हुई उससे हम प्रभावित नहीं हो सकते।’
उन्होंने कहा कि हाल में दोनों देशों के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिल्रिटी आपरेशंस के बीच वार्ता ‘सकारात्मक संकेत’ है।
यह पूछने पर कि क्या शांति प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है तो मंत्री ने कहा,‘मैं ऐसा नहीं मानता। मेरा मानना है कि शांति प्रक्रिया ठीक से चल रही है। संकेत हैं कि हम वापस पटरी पर लौट चुके हैं। मुझे नहीं मालूम कि हम किस हद तक पटरी से उतरे थे लेकिन इस तरह की भावना थी कि हम फिसल रहे हैं।’
पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार के वार्ता की पेशकश पर भारत की ओर से अनिच्छा जाहिर करने पर खुर्शीद ने कहा कि ‘माहौल’ में सुधार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा,‘हमें सुनिश्चित करने की जरूरत है कि माहौल हर आयाम से सुधरे। कुछ दिनों पहले हम काफी निचले स्तर पर गए और मेरा मानना है कि यह महत्वपूर्ण है कि हम उस माहौल तक पहुंचे जो सामान्य के करीब हो कि नियंत्रण रेखा पर शांति बनी रहे। कोई इस तरह की घटना नहीं हो जिसका उल्टा असर हो और फिर हम सार्थक तरीके से आगे बढ़ने के बारे में सोच सकें।’
मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के रूख में पहले से परिवर्तन हुआ है। वह नियंत्रण रेखा की घटनाओं का अंतरराष्ट्रीयकरण करने के प्रयास से हटकर अब संपर्क कर रहा है।
उन्होंने कहा,‘पहले कुछ दिनों में जो सुनने को मिला इससे यह इतर है और हमने स्पष्ट कर दिया था कि यह हमें बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। हमारी स्थिति है कि इन मामलों का निपटारा पाकिस्तान और हमारे बीच द्विपक्षीय तरीके से हों। किस तरीके से, कैसे, किस स्तर पर, इन बातों पर समय समय पर काम होता है।’ (एजेंसी)