पाक को उसकी हैसियत बताने की जरूरत : भाजपा

सीमा पार से पाकिस्तान द्वारा युद्ध विराम का उल्लंघन करते हुए भारतीय सेना के जवानों की बर्बर हत्या पर कडी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने मंगलवार को कहा कि पड़ोसी राष्ट्र के शब्दकोष में शांति और अमन नहीं है इसलिए उसे उसकी हैसियत बताने की जरूरत है।

भागलपुर : सीमा पार से पाकिस्तान द्वारा युद्ध विराम का उल्लंघन करते हुए भारतीय सेना के जवानों की बर्बर हत्या पर कडी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने मंगलवार को कहा कि पड़ोसी राष्ट्र के शब्दकोष में शांति और अमन नहीं है इसलिए उसे उसकी हैसियत बताने की जरूरत है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, ‘ पाकिस्तान के शब्दकोष में अमन और शांति के लिए जगह नहीं है इसलिए उसे उसके तरीके से हैसियत बताने की दरकार है। पाक से किसी प्रकार की बातचीत जारी रखने की जरूरत नहीं है।’
उन्होंने कहा,‘पाकिस्तान को उसकी ही भाषा में जवाब देने की जरूरत है। पाकिस्तान जो कुछ भी करता है वह खुफिया एजेंसी आईएसआई, तालिबान, अन्य आतंकी संगठनों और वहां की सरकार की मिलीभगत से होता है। हम चुप नहीं बैठ सकते। पाकिस्तान एक विश्वसनीय पड़ोसी नहीं है। उसकी कथनी और करनी में अंतर है।’ भाजपा सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार को पाकिस्तान पर दबाव बनाना चाहिए ताकि वह अपने कृत्य के लिए दुनिया से माफी मांगे।
पाकिस्तान के साथ स्थिति सामान्य करने के बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए
शाहनवाज ने कहा, ‘संसद पर हमले के बाद अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के नेतृत्व में राजग सरकार ने बातचीत की प्रक्रिया समाप्त कर और पाकिस्तान के विमानों के भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश पर रोक लगाकर उनके तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ पर दबाव बनाया था।’
उन्होंने कहा, ‘हम कठोर कार्रवाई चाहते हैं केवल कठोर शब्द का उपयोग नहीं।’ भाजपा सांसद ने कहा कि हमने अपने (राजग) कार्यकाल में पाकिस्तान को बैकफुट पर ला दिया था। भारतीय सेना के जवान का सिर काटे जाने के मामले में
उन्होंने कहा,‘भारतीय जवान का सिर पाकिस्तान को वापस करना चाहिए। भाजपा इसकी लड़ाई जारी रखेगी। इस मामले में भाजपा नेता सुषमा स्वराज और अरुण जेटली ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार से मुलाकात की है।’
भाजपा नेता ने कहा कि मुंबई पर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर दबाव बनाया गया था जिसके कारण पाक को मिस्र के शर्म अल शेख में भारत से बातचीत के लिए आगे आना पड़ा था। (एजेंसी)