भाजपा-जेडीयू में `तलाक` लगभग तय, कल होगा ऐलान

जेडीयू और भाजपा के बीच रिश्ते में अब महज औपचारिकताएं ही बची हैं। दोनों के बीच तलाक अब लगभग तय मानी जा रही है। फैसला लेने के लिए जेडीयू ने आज पटना में विधायकों की बैठक बुलाई है। शरद यादव भी बैठक में मौजूद रहेंगे।

ज़ी मीडिया ब्यूरो
पटना : जेडीयू और भाजपा के बीच रिश्ते में अब महज औपचारिकताएं ही बची हैं। दोनों के बीच तलाक अब लगभग तय मानी जा रही है। आज एक तरफ जहां जेडीयू ने पटना में अपने विधायकों की बैठक बुलाई है वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी की एक अहम मुलाकात भी होने जा रही है।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को अगले लोकसभा चुनाव में चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाए जाने के बाद भाजपा और जेडीयू का अलग होना अब लगभग तय माना जा है। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नीतीश कुमार ने पटना स्थित अपने आवास पर शुक्रवार को जेडीयू कोर ग्रुप के साथ बैठक की। नीतीश ने गठबंधन पर फैसला करने के लिए आज जेडीयू के सभी विधायकों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में शरद यादव भी मौजूद रहेंगे।
शुक्रवार को कटिहार जिला में अपनी सेवा यात्रा पूरी कर पटना लौटे नीतीश से यह पूछे जाने पर कि बीजेपी के साथ 17 साल पुरानी उनकी दोस्ती क्या अब टूटने वाली है, उन्होंने कहा था कि अब जो हालात हैं, वे कठिन हैं और इस कठिन हालात में क्या करना है, यह फैसला रविवार तक हो जाएगा। नीतीश ने वर्तमान परिस्थिति को एक शेर की शक्ल में बयान करते हुए कहा, `दुआ करते हैं जीने की, दवा देते हैं मरने की, दुश्वारी का सबब यही है।`
भाजपा की अब कोशिश यह है कि गठबंधन टूटने के हालात में भी उसके जेडीयू से संबंध बने रहें। यही वजह है कि भाजपा लगातार गठबंधन टूटने में अपनी भूमिका से बच रही है। एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में नीतीश ने कहा कि उन्हें हमारी मूलभूत चिंता सार्वजनिक रूप से बतानी चाहिए। निजी तौर पर आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। हालांकि उन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम नहीं लिया लेकिन मतलब साफ है कि उनकी यह चिंता क्या है। जदयू ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि जो धर्मनिरपेक्ष है तथा जिस पर किसी तरह का कोई दाग नहीं है और जिसमें सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता हो वही देश का प्रधानमंत्री होने के काबिल है। नीतीश ने यह भी कहा गया कि मोदी इन सभी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते।
दूसरी तरफ बिहार में भाजपा कार्यकर्ताओं में मोदी के प्रति जबरदस्त उत्साह है। वह जदयू की ऐसी कोई शर्त नहीं मान सकती इसलिए माना जा रहा है कि दोनों दलों में 17 साल पुराना गठबंधन टूट जाएगा। माना जा रहा है कि इस स्थिति को अब और नहीं टाला जा सकता है और रविवार तक यह खबर आ जाएगी।