भारत की पाकिस्‍तान को कड़ी चेतावनी, पहले स्थितियों को करो स्‍पष्‍ट

भारत ने पाकिस्तान से मंगलवार को कहा कि वह संघर्ष विराम उल्लंघन रोके। साथ ही कहा कि दोनों पक्षों के बीच वार्ता से पहले ‘स्थितियां स्पष्ट हों। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि पाकिस्तान के हाल की कार्रवाइयों से निराशा का भाव है।

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो/बिमल कुमार
नई दिल्‍ली : भारत ने पाकिस्तान से मंगलवार को कहा कि वह संघर्ष विराम उल्लंघन रोके। साथ ही कहा कि दोनों पक्षों के बीच वार्ता से पहले ‘स्थितियां स्पष्ट हों। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि पाकिस्तान के हाल की कार्रवाइयों से निराशा का भाव है।
उधर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भारत के साथ अच्छे रिश्ते बनाने की इच्छा का भारत स्वागत करता है, लेकिन जोर देकर कहा कि नियंत्रण रेखा पर अकारण घटी घटनाओं का द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ा है।
द्विपक्षीय रिश्ते से पीछे नहीं हटते हुए भारत ने मंगलवार को साफ किया कि `नियंत्रण रेखा पर हुई भड़काऊ गतिविधियों` के कारण `वर्तमान वातावरण` पाकिस्तान के साथ शांतिपूर्ण वार्ता के लिए उपयुक्त माहौल नहीं तैयार करता है। भारत ने यह भी कहा कि उपयुक्त समय पर वार्ता की जाएगी। उन्होंने यहां कहा कि आज के वातावरण में कोई प्रतिक्रिया देना संभव नहीं है। यह निराशा का भाव है। सीमा पर हमारे जवान मारे गए, हम अब भी दुख और सदमे में हैं। खुर्शीद ने कहा कि आज प्राथमिकता है कि संघर्ष विराम उल्लंघन रुके। उन्होंने कहा कि हम कई चीजों पर प्रतिक्रिया दें उससे पहले स्थितियां स्पष्ट होनी चाहिए जो आधी अधूरी हैं और पाइपालन में हैं।
पाकिस्तान के साथ वार्ता करने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि आज प्राथमिकता है कि पहले संघर्ष विराम रुके। महत्वपूर्ण बात यह है कि नियंत्रण रेखा और सीमा पर शांति एवं धर्य का माहौल हो। उन्होंने कहा कि हम इन मुद्दों का समाधान निकालें उससे पहले दूसरी तरफ, पाकिस्तान की तरफ से कुछ कदम उठाने की जरूरत है।
गौर हो कि पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी एवं संघर्ष विराम उल्लंघन के कारण सीमा पर तनाव बढ़ गया है। करीब एक हफ्ते पहले पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के बाद यह तनाव और बढ़ गया। सीयूटीएस के 30वें वार्षिक व्याख्यान में ‘इंडियाज इकोनॉमिक इंटीग्रेशन विद एशिया’ विषय पर खुर्शीद ने कहा कि भारत को चीन के साथ संज्ञानात्मक एवं समझौतापरक वार्तालाप की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वार्ता मजबूती, प्रभावी, विश्वास के साथ होनी चाहिए न कि दबी जुबान से। वार्तालाप घरेलू जरूरतों के साथ समय-समय पर समझौतापरक होनी चाहिए।
उधर, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के भारत के साथ अच्छे रिश्ते बनाने की इच्छा का भारत स्वागत करता है, लेकिन जोर देकर कहा कि नियंत्रण रेखा पर अकारण घटी घटनाओं का द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा पर शांति बनाए रखना दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास बहाली के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए नियंत्रण रेखा पर शांति सबसे ज्यादा अहम है।
यह पूछे जाने पर कि क्या भारत पाकिस्तान के साथ सचिव स्तरीय वार्ता करेगा, अकबरुद्दीन ने कहा कि भारत को पिछले महीने पाकिस्तान की ओर से इसके लिए प्रस्ताव मिला है। लेकिन शांतिपूर्ण वार्ता के लिए हमें हिंसा और आतंकमुक्त वातावरण की दरकार है और पिछले सप्ताह जो हुआ वह इसके लिए उचित नहीं साबित होता।
गौर हो कि पाकिस्तानी सैनिकों ने सोमवार की देर रात जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ जिले में मेंढर सेक्टर से लगे नियंत्रण रेखा के नजदीक भारतीय चौकियों पर गोलीबारी की थी। पाकिस्तान ने सोमवार को कहा कि उसकी भारत को अपना पसंददीदा देश (एमएफएन) घोषित किए जाने की तत्काल कोई योजना नहीं है। इससे पहले बीते रविवार पाकिस्तान की तरफ से पुंछ जिले के दिग्वार गांव में स्थित भारतीय चौकियों पर गोलीबारी की गई थी तथा छह अगस्त को पाकिस्तानी सेना के विशेष सैनिकों ने पुंछ जिले के चकां-दा-बाग सेक्टर से लगे नियंत्रण रेखा के नजदीक भारतीय चौकियों पर हमला कर पांच भारतीय सैनिकों की हत्या कर दी थी, जिसके बाद नियंत्रण रेखा पर तनाव गहरा गया।