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'मुजफ्फरनगर दंगों के पीछे हो सकती हैं सियासी पार्टियां'

मुजफ्फरनगर में हिंसा को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री ने इसके पीछे राजनीतिक दलों का हाथ होने की आशंका जताई है।

नई दिल्ली : गृह मंत्री सुशील कुमार शिन्दे ने आगाह किया कि 2014 के आम चुनाव से पहले देश में और सांप्रदायिक हिंसा हो सकती है । उन्होंने संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर दंगों के पीछे कुछ राजनीतिक दलों का हाथ हो सकता है ।
शिन्दे ने एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं को अलग से बताया, ‘जब तक (मुजफ्फरनगर) हिंसा के बारे में मुझे पूरी रिपोर्ट नहीं मिल जाती, मैं राजनीतिक साजिश के बारे में कुछ नहीं कह सकता । लेकिन राजनीतिक दल शामिल हो सकते हैं । गृह मंत्री से सवाल किया गया था कि क्या मुजफ्फरनगर दंगों के पीछे कोई राजनीतिक साजिश थी ।
मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाकों में फैली हिंसा में अब तक 40 लोगों की जान जा चुकी है । शिन्दे ने कहा कि केन्द्र सरकार 2014 के आम चुनाव से पहले संभावित सांप्रदायिक हिंसा को लेकर 11 राज्यों को पहले ही आगाह कर चुकी है । इन राज्यों से सतर्क रहने को कहा गया है ।
उन्होंने कहा कि जैसे जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, हमें इस तरह की और सांप्रदायिक हिंसा देखने को मिल सकती है । हमने 11 राज्यों को एलर्ट किया है । गृह मंत्री ने हालांकि मुजफ्फरनगर दंगों के लिए अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार को दोषी ठहराने से इंकार कर दिया । उन्होंने कहा कि अब हालात काफी सुधर गये हैं ।
उन्होंने बताया कि अर्धसैनिक बलों की 80 कंपनियां (8000 जवान) उत्तर प्रदेश में तैनात किये गये हैं । सेना भी तैनात की गयी है । कर्फ्यू में अब ढील दी गयी है । हालात सुधर रहे हैं । मुजफ्फरनगर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू में ढील दी गयी है । कर्फ्यू में ढील के दौरान कडी निगरानी की जा रही है । पुलिस और अर्धसैनिक बल ‘एलर्ट’ हैं । (एजेंसी)