विवेकानंद की शिक्षा दुनिया के लिए अहम : राष्ट्रपति

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज कहा कि स्वामी विवेकानंद की शिक्षा का दुनिया भर में प्रसार करने की जरूरत है। यह शिक्षा दुनिया भर के लोगों के लिए काफी अहम है।

नई दिल्ली : राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आज कहा कि स्वामी विवेकानंद की शिक्षा का दुनिया भर में प्रसार करने की जरूरत है। यह शिक्षा दुनिया भर के लोगों के लिए काफी अहम है। स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती के कार्यक्रमों का यहां राष्ट्रपति भवन में उद्घाटन करते हुए मुखर्जी ने कहा कि भारत की जनता पर इस शिक्षा के शक्तिशाली प्रभाव के पूर्ण आभास के साथ उसका भारत और दुनिया भर में प्रसार किया जाना चाहिए ।
राष्ट्रपति ने मशहूर ब्रिटिश इतिहासकार ए.एल. बाशम के हवाले से कहा कि आने वाली सदियों में स्वामी विवेकानंद को आधुनिक विश्व के मुख्य प्रतिरूपकार के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विवेकानंद की गरीबों के प्रति गहरी वचनबद्धता थी। एक सरकारी विज्ञप्ति में मुखर्जी के हवाले से कहा गया कि स्वामीजी की शिक्षा केवल उनके जीवित रहते ही नहीं बल्कि आज के भारत के लिए भी प्रासंगिक है।
नेपाल में मनाई गई स्वामी की जयंती
काठमांडो : स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में नेपाल के राष्ट्रपति रामबरन यादव ने समाज के उत्थान के लिए स्वामीजी द्वारा किए गए कार्यों की प्रशंसा की। राष्ट्रपति रामबरन यादव आज इस समारोह के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा, ‘विवेकानंद सिर्फ एक हिन्दू संत नहीं बल्कि स्वतंत्रता सेनानी भी थे जिन्होंने भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्त कराने के लिए काम किया।’ नेपाल में भारत के राजदूत जयंत प्रसाद ने कहा, ‘अमेरिका के शिकागो में वर्ष 1893 में विश्व धर्म सम्मेलन में मशहूर भाषण देने के बाद विवेकानंद पूरब और पश्चिम के बीच पुल बन गए थे।’
150वीं जयंती पर चार टिकट जारी
जम्मू : डाक विभाग ने स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती पर आज यहां चार विशेष डाक टिकट जारी किया। जम्मू कश्मीर के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल जॉन सैमुअल ने आज यहां गांधीनगर प्रधान डाकघर में एक आकषर्क कार्यक्रम में डाक टिकट जारी किए। ये डाक टिकट रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी गिरिजाशानंद को सौंपे गए।