सरक्रीक पर मोदी का दावा बेबुनियाद : पीएमओ

सर क्रीक को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

नई दिल्ली: सर क्रीक को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। पीएमओ ने बयान को बेबुनियाद और शरारत से भरा करार दिया है। गुजरात में पहले चरण के विधानसभा चुनाव से एक दिन पहले मोदी ने दावा किया कि सर क्रीक पाकिस्तान को सौंपा जा रहा है। पीएमओ से जारी एक बयान में कहा गया है कि 12 दिसंबर को नरेंद्र मोदी की ओर से लिखा गया एक पत्र प्रधानमंत्री के पास पहुंचा है। इस पत्र में पाकिस्तान के साथ सर क्रीक पर होने वाली बातचीत के बारे में निराधार आरोप लगाया गया है और बयान दिया गया है।
गुजरात के मुख्यमंत्री की हैसियत से नरेंद्र मोदी की ओर से लिखे पत्र का विषय और इसे सार्वजनिक करने का समय इसके पीछे की मंशा को उजागर करता है। राज्य में पहले चरण का मतदान गुरुवार को होना है और दूसरे चरण के लिए 17 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे। मतों की गिनती 20 दिसंबर को की जाएगी।
पीएमओ ने कहा है कि 1998 में पाकिस्तान के साथ शुरू हुई वार्ता प्रक्रिया बाद की सरकारों के कार्यकाल में जारी रही।
मोदी ने पत्र पर `एक सजग नागरिक` के रूप में दस्तखत किया है। पत्र में उन्होंने कहा है कि सर क्रीक पर प्रधानमंत्री पाकिस्तान के बाद बातचीत बंद कर दें और मांग की है कि इसे पड़ोसी मुल्क को नहीं सौंपा जाए।
कच्छ के रण में 96 किलोमीटर लंबा सर क्रीक भारत और पाकिस्तान के बीच विवादित इलाका है। सर क्रीक गुजरात के कच्छ क्षेत्र और पाकिस्तान के सिंध प्रांत को बांटता है। (एजेंसी)