स्वास्थ्य क्षेत्र में अभी काफी काम करना है: प्रणब

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि भारत को अपनी बढ़ती जनसंख्या को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए अभी बहुत काम करना है।

अलप्पुझा (केरल) : राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि भारत को अपनी बढ़ती जनसंख्या को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए अभी बहुत काम करना है।
चिकित्सा क्षेत्र के पेशेवरों और विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि देश में सार्वजनिक क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं और इन्हें और बढ़ाने की जरूरत है।
यहां सरकारी टी डी मेडिकल कॉलेज के स्वर्ण जयंती समारोह का उद्घाटन करने के दौरान मुखर्जी ने शनिवार को कहा, ‘हमारी स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में प्रगति के बावजूद हमें और लंबी दूरी तय करनी है। हमारे देश में सार्वजनिक क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा सीमित है।’
उन्होंने कहा, ‘स्वास्थ्य सेवाओं के लिए हमारे देश में अधिकतर लोग निजी क्षेत्र पर निर्भर हैं।’ 1963 में स्थापित इस मेडिकल कॉलेज से पिछले पांच दशक में 4,200 से अधिक डॉक्टर निकले हैं।
केरल की एक दिवसीय यात्रा पर गये राष्ट्रपति ने कहा कि देश में ऐसी स्थिति होनी चाहिए कि किसी को भी विशेष चिकित्सा उपचार से अधिक महंगा होने की वजह से वंचित नहीं किया जाए।
उन्होंने कहा, ‘निर्धन लोगों के लिए महंगा इलाज कराना कठिन होता है और इसकी वजह से कई लोग गरीबी में फंस जाते हैं।’ राष्ट्रपति ने कहा, ‘हमें अच्छी गुणवत्ता वाली और किफायती सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करके हालात में सुधार करना चाहिए।’
उन्होंने कहा, ‘11वीं पंचवर्षीय योजना की अवधि में स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमारा सरकारी व्यय जीडीपी का 1.04 प्रतिशत था। यदि हमें बड़े स्तर पर देश में सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाना है तो 12वीं योजना के अंत तक यह व्यय जीडीपी का 2.5 प्रतिशत हो जाना चाहिए।’
राष्ट्रपति ने कहा, ‘राष्ट्र की कुशलता उसके लोगों की कुशलता पर निर्भर करती है।’ उन्होंने कहा, ‘जब तक लोगों की सेहत अच्छी नहीं होती तब तक देश की उत्पादक क्षमता को पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता।’
राष्ट्रपति ने कहा, ‘एक सुदृढ़ स्वास्थ्य सुविधा प्रणाली उपलब्धता, गुणवत्ता और किफायत के तीन स्तंभों पर निर्भर होती है।’ समारोह में केरल के राज्यपाल एच आर भारद्वाज, राज्य के मुख्यमंत्री ओमन चांडी, केंद्रीय मंत्री वायलार रवि, केंद्रीय श्रम राज्यमंत्री के. सुरेश, केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री के सी वेणुगोपाल और राज्य सरकार के मंत्री आदि शामिल हुए।
मुखर्जी ने देश में चिकित्सा व्यवसाय में केरल के योगदान की तारीफ की और बीमारियों के नियंत्रण तथा उन्मूलन के लिहाज से राष्ट्रीय कार्यक्रमों को लागू करने में उसकी सक्रिय भूमिका को भी सराहा।
उन्होंने कहा, ‘स्वास्थ्य क्षेत्र के पेशेवरों, खासकर डॉक्टरों और नर्स देने के मामले में केरल का बड़ा योगदान है। सामाजिक विकास का केरल का मॉडल प्रशंसनीय है जहां सरकार की पहल के साथ नागरिकों की भी सक्रिय भागीदारी होती है।’ (एजेंसी)