कर्नाटक जमीन घोटाले में येदियुरप्पा को जेल

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा के लोकायुक्त अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने के बाद उन्हें 22 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

जी न्यूज ब्यूरो/एजेंसी

बेंगलुरु : गिरफ्तारी का सामना कर रहे कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने शनिवार को लोकायुक्त की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया और उन्हें एक हफ्ते के लिए जेल भेज दिया गया। कथित भूमि घोटाले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद उन्होंने शाम में आत्मसमर्पण किया।

 

दिन भर चले नाटकीय घटनाक्रम में 68 वर्षीय भाजपा नेता अदालत में उपस्थित हुए जबकि पुलिस अधिकारियों का एक दल उन्हें गिरफ्तार करने उनके घर पहुंचा था। अवैध खनन घोटाले में लेाकायुक्त द्वारा दोषी करार दिए जाने के परिप्रेक्ष्य में 31 जुलाई को उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। येदियुरप्पा जेल जाने वाले कर्नाटक के पहले पूर्व मुख्यमंत्री हैं और यह घटनाक्रम भाजपा के लिए काफी शर्मिंदगी की बात है क्योंकि इसके शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी भ्रष्टाचार के खिलाफ देशव्यापी यात्रा पर हैं।

 

दक्षिण भारत में भाजपा की पहली सरकार का नेतृत्व करने वाले येदियुरप्पा आडवाणी की यात्रा में दिखाई नहीं पड़े थे। मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के समय जमीन को गैर अधिसूचित करने में कथित अनियमितता के लिए दो वकीलों ने येदियुरप्पा के खिलाफ शिकायत दायर की थी जिस पर सुनवाई करते हुए लोकायुक्त के न्यायाधीश एन. के. सुधीन्द्र राव ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।

 

पूर्व मुख्यमंत्री अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं हुए जबकि उनके बेटे बी. वाई राघवेन्द्र और बी. वाई विजेन्द्र एवं दामाद सोहन कुमार अदालत में उपस्थित हुए और उन्हें जमानत मिल गई। न्यायाधीश ने येदियुरप्पा को 22 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उनके वकील एम. बी. नाईक ने इससे पहले कहा था कि लोकायुक्त के फैसले को वह उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे। अन्य आरोपी पूर्व मंत्री एस. एन. कृष्णया शेट्टी को भी 22 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया जबकि भाजपा विधायक हेमचंद्र सागर और दस अन्य को इस मामले में जमानत दे दी गई।

 

येदियुरप्पा और शेट्टी की जमानत याचिकाओं को उनके अपराध की गंभीरता के आधार पर खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि जमीनों को गैर अधिसूचित करने में कथित अनियमितता में दोनों की संलिप्तता ‘व्यापक’ है। इसने कहा कि चूंकि दोनों शक्तिशाली और प्रभावशाली लोग हैं इसलिए वे गवाहों पर दबाव बना सकते हैं और साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। इससे पहले खचाखच भरी अदालत में फैसला सुनाते हुए उन्होंने येदियुरप्पा और शेट्टी की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया लेकिन 14 अन्य की जमानत याचिका मंजूर कर ली ।

 

येदियुरप्पा के आत्मसमर्पण करने के तुरंत बाद लोकायुक्त की एक टीम उन्हें पारापना अग्रहारा केंद्रीय कारागार ले गई। येदियुरप्पा के परिजनों को जमानत के लिए दो मामलों में पांच लाख रुपये और दस लाख रुपये का मुचलका भरने का निर्देश दिया गया। अदालत ने बाकी आरोपियों को पांच लाख रुपये का मुचलका भरने का निर्देश दिया और शर्त लगा दी कि उन्हें साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करनी चाहिए और देश छोड़कर भागने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। अदालत का फैसला सुनते ही शेट्टी बेहोश हो गए जबकि स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर येदियुरप्पा अदालत में उपस्थित नहीं हुए।

 

अदालत के आदेश की जानकारी मिलने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री डी. वी. सदानंद गौड़ा ने मुंबई की यात्रा रद्द कर दी और गृह मंत्री आर. अशोक सहित अपने मंत्रिमंडल के कुछ सहयोगियों के साथ बंद कमरे में बैठक की। बाशा ने आरोप लगाया था कि येदियुरप्पा ने अराकेरे, अगारा, देवराचिकानहल्ली, गेडालाहल्ली में आरोपियों के पक्ष में जमीन को गैर अधिसूचित किया जिससे राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा। (एजेंसी)