नक्‍सलियों ने सीआरपीएफ के मृत जवान के पेट में रखा बम

झारखंड के लातेहार में नक्‍सलियों के साथ मुठभेड़ के दौरान अब तक सीआरपीएफ के नौ जवान शहीद हो गए, लेकिन इस दौरान नक्‍सलियों का क्रूर और खौफनाक चेहरा सामने आया है। जानकारी के अनुसार, नक्‍सलियों ने जवानों के साथ काफी बर्बरता की है और उनके मृत शरीर के अंदर बम को छिपाया।

ज़ी न्‍यूज ब्‍यूरो
नई दिल्‍ली : झारखंड के लातेहार में नक्‍सलियों के साथ मुठभेड़ के दौरान अब तक सीआरपीएफ के नौ जवान शहीद हो गए, लेकिन इस दौरान नक्‍सलियों का क्रूर और खौफनाक चेहरा सामने आया है। जानकारी के अनुसार, नक्‍सलियों ने जवानों के साथ काफी बर्बरता की है और उनके मृत शरीर के अंदर बम को छिपाया। नक्‍सलियों को कोशिश यह थी कि जब घटनास्‍थल से जवान के मृत शरीर को उठाया जाए तो वहां फिर धमाका हो और ज्‍यादा संख्‍या में लोग मारे जाएं।
एक जवान के शव का जब पोस्‍टमार्टम किया गया तो इस बात का खुलासा हुआ कि शहीद जवान के शरीर में नक्‍सलियों ने बम छिपाकर रखा था। जवानों के शव नक्‍सलियों की क्रूरता की गवाही दे रहे हैं। रांची के अस्‍पताल में पोस्‍ट मार्टम के लिए तीन जवानों के शवों को लाया गया। पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में एक जवान के शव के भीतर बम होने की जानकारी मिली।
डॉक्‍टरों को शव के अंदर बम होने का अंदेशा उस समय हुआ जब इनमें से एक शरीर के ऊपर स्टिच लगे हुए थे। इसे देखने के बाद यह किसी अप्रशिक्षित डॉक्‍टर का काम लगा।
संदेह गहराने के बाद, शव का पहले एक्‍सरे किया गया, जिसमें शरीर के अंदर तारों से युक्‍त डिवाइस की मौजूदगी का पता चला। इसके तुरंत बाद बॉम्‍ब डिस्‍पोजल स्‍कवायड को बुलाया गया और उन्‍होंने इस डिवाइस को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला।
झारखंड के डीजीपी जेएस रथ ने एक न्‍यूज चैनल के साथ बातचीत में कहा कि एक जवान के शव में विस्‍फोटक डिवाइस छिपे होने का पता चला। यह बम एक क्रूड डिवाइस था। यह डिवाइस 8 गुणा दस इंच की साइज का था और इस बम के संबंध में और विश्‍लेषण किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, बम को मृत शरीर में कुछ इस तरह स्टिच किया गया था कि कम से कम दबाव पड़ने पर ही इसमें धमाका हो सकता था।
गौर हो कि झारखंड के लातेहार जिले में अमुआटिकर गांव के कटीला इलाके में नक्सली माओवादियों द्वारा घात लगाकर सोमवार शाम किए गए हमले के बाद से मुठभेड़ में अब तक सीआरपीएफ के नौ जवानों समेत दस सुरक्षाकर्मियों और तीन नागरिकों की मौत हो चुकी है। सीआरपीएफ के 13 जवानों और झारखंड पुलिस के दो जवानों समेत कम से कम पंद्रह जवान घायल हुए हैं, जिनका इलाज रांची के अपोलो अस्पताल में किया जा रहा है। जबकि पुलिस ने कम से कम नौ माओवादियों को भी इस मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया है।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब पोस्टमार्टम के लिए शवों को रांची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में ले जाया गया, तब चिकित्सकों ने सीआरपीएफ के एक जवान के पेट पर कटे का निशान पाया।
जवान के पेट के अंदर जब बम होने का संदेह हुआ तब चिकित्सकों ने पुलिस को बुलाया। बम निरोधक दस्ते ने बम को निष्क्रिय कर दिया। मंगलवार को हमले के बाद अतिरिक्त बलों को भेजा गया था जिन्होंने सीआरपीएफ के कुछ जवानों को बचाया था तथा कुछ शव भी बरामद किए थे।
नक्सलियों ने सीआरपीएफ के मददगार होने के संदेह में दो ग्रामीणों की भी हत्या कर दी थी। पुलिस ने कहा कि नक्सलियों ने झूठे संदेश भेजकर लातेहार के अमुआटीकर गांव के समीप सुरक्षा बलों को लालच के जाल में फंसाया था। इस कारण सोमवार को दोपहर बाद सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी जो बुधवार शाम तक जारी रहा। उल्लेखनीय है कि झारखंड के 24 जिलों में से 18 में नक्सली सक्रिय हैं।